'मेरी छवि खराब हुई...', जयपुर की पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल बोलीं- 'झूठे आरोप लगाने वाले एक आरोपी ने दिया माफीनामा'

Jyoti Khandelwal defamation case Jaipur: पूर्व मेयर और बीजेपी नेता ज्योति खंडेलवाल ने मेयर के कार्यकाल के दौरान लगे भ्रष्टाचार के आरोपों पर एक प्रेस वार्ता आयोजित की। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रहरी प्रोटेक्शन कंपनी की ओर से सफाई और सैनिटाइजेशन का काम किया जा रहा था। टेंडर की शर्तों के अनुसार कंपनी को कर्मचारियों के ईएसआई और पीएफ का भुगतान करना था। उनके द्वारा भुगतान नहीं किया गया था। इसके बाद मैंने कंपनी की शिकायत ईएसआई, पीएफ और आईटी विभाग में की। शिकायत के बाद एक्शन के डर से आरोपी दीपक जैन और कंपनी के डायरेक्टर कमलजीत सिंह ने कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की।
इसके बाद कर विभाग की ओर से कंपनी के आॅफिस में छापेमारी की गई। जांच में सामने आया कि कंपनी ने करीब 2 करोड़ रुपये की कर चोरी की है। इसके बाद आरोपियों ने गिरफतारी से बचने के लिए कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की। याचिका में उन्होंने मुझ पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने हलफनामे में लिखा कि मेयर द्वारा अवैध मांग की गई जब हमने मना किया तो मेयर ने द्वेषतापूर्ण यह कार्रवाई कर रही है।
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आरोप लगाने वाला आरोपी मुकरा
इसके बाद मैंने मानहानि का मामला कोर्ट में दायर किया। इसके बाद कोर्ट ने कमलजीत सिंह के खिलाफ पहले अरेस्ट वारंट जारी किया। इसके बाद उसके खिलाफ स्टैंडिंग वारंट जारी किया। मामले में नया मोड़ तब आया जब कंपनी के कर्मचारी ने कोर्ट में माफीनाम दायर किया। जिसमें उसने कहा कि मुझे इस मामले की जानकारी नहीं है। मैंने एक एफिडेविट जो कि आॅफिस के काम से कंपनी को दिया था, उसका दुरुपयोग करते हुए कमलजीत सिंह ने मेरे नाम का झूठा हलफनामा कोर्ट में पेश कर दिया। जबकि मैं इस मामले में पूरी तरह अनभिज्ञ हूं।
मेयर ने कहा कि ऐसे में मैंने दीपक जैन पर लगा मानहानि का केस हटा लिया है। ऐसे में कोर्ट के बार-बार नोटिस दिए जाने के बाद भी जब कमलजीत पेश नहीं हुआ तो अब कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित करते हुए संपत्ति को कुर्क करने का आदेश दिया है।
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