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Jaipur: ठेकेदार की लापरवाही और सिस्टम के अंधेपन ने ली दो मासूम बच्चियों की जान, 8 फीट गहरे टैंक में डूबीं

Jaipur: ठेकेदार की लापरवाही और सिस्टम के अंधेपन ने ली दो मासूम बच्चियों की जान, 8 फीट गहरे टैंक में डूबीं
जयपुर
06 May 2026, 05:51 pm
रिपोर्टर : ज्योति शर्मा

Jaipur News: जयपुर के शिप्रापथ इलाके में कंस्ट्रक्शन साइट पर रखे पानी के टैंक में डूबने से दो मासूम बच्चियों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना बीते मंगलवार देर शाम की है, जब ये बच्चियां टैंकर के पास खेल रही थीं और अचानक बैलेंस बिगड़ा और दोनों टैंक में गिर गईं। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। इस मामले की गंभीरता देखते हुए अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है।

ठेकेदार की लापरवाही और सिस्टम के अंधेपन ने ले ली जान

ये हादसा मंगलवार शाम करीब सात बजे का है। यहां एक किराए के मकान में बिहार और यूपी का रहने वाला परिवार रहता था। शाम को रोज की तरह बिहार की रहने वाली 5 साल की राधिका और यूपी की रहने वाली 5 साल की बच्ची गौसिया खेल रहे थे। खेलते-खेलते वो टैंक में गिर गए। टैंक में 6 फीट तक पानी भरा हुआ था।

शिप्रापथ मेन रोड पर एक निर्माणाधीन परियोजना की साइट पर ये पानी का टैंक बना हुआ था। स्थानीय थाना प्रभारी ने बताया कि घटना की सूचना परिवार वालों को उनकी तैरती चप्पलों से मिली। क्योंकि काफी देर तक जब बच्चियां घर नहीं पहुंची तो परिवार बार ढूंढने निकला। टैंक के पास ही दोनों बच्चियों की चप्पलें पड़ी थीं। परिवार जब वहां देखने गए तो दोनों के शव पानी में तैर रहे थे। ये देखते ही परिवारी जनों चीख पुकार मच गई।

पुलिस ने दोनों शवों को मेडिकल बोर्ड के लिए भेजा गया है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि हादसे के कारणों की ठीक से जांच हो सके।

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एक बच्ची के पिता मजदूर, दूसरी के दिव्यांग

अपनी मासूम बच्चियों को सिस्टम की लापरवाही से खो देने से परिजनों की तो सारी खुशियां ही छिन गईं। राधिका के पिता पप्पू कुमार मजदूर हैं वहीं गौसिया के पिता जाकिर दिव्यांग हैं। वे रिक्शे पर मोबाइल एसेसरीज बेचते हैं। दोनों ही पड़ोसी हैं और कई सालों से यहां किराए के मकान में रह रहे हैं।

इस हादसे के बाद अब सवाल खड़े हो रहे हैं कि साइट पर सुरक्षा इंतजामों पर ध्यान क्यों नहीं दिया गया। ऐसे निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों का खुला उल्लंघन किया गया और किसी को भी भनक तक नहीं लगी। बच्चों के परिजनों ने जिम्मेदार अधिकारियों और कंट्रैक्टर्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि टैंक कई दिनों से खुला पड़ा था और आसपास कोई सुरक्षा बाड़ या चेतावनी साइन मौजूद नहीं था। कई परिवारों ने निर्माण कंपनी और नगर निगम से सुरक्षा इंतज़ाम और जदातर बच्चों के खेलने वाले क्षेत्रों से टैंकों को हटाने की मांग की है। शहर में ये घटना एक बार फिर बिना सुरक्षा इंतजाम वाले निर्माण स्थलों की अनदेखी पर सवाल खड़ा करती है।

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