बेनीवाल के समर्थन में उतरे राजकुमार रोत, बीजेपी सरकार को पानी पी-पी कर कोसा

Rajkumar Roat: राजस्थान की सियासत में इस वक्त वो भूचाल आ चुका है, जिसने जयपुर से लेकर दिल्ली तक सत्ता के गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। एक तरफ नागौर के सांसद और RLP सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) का मुख्यमंत्री को 'मूर्खाधिराज' कहना और उसके बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ (Madan Rathore) का ये कहना कि बेनीवाल का मानसिक संतुलन बिगड़ चुका है, ने इस मुद्दे को बेहद प्रदेश की सिसायत के केंद्र में लाकर खड़ा कर दिया है। अब इसमें आदिवासी नेता और बांसवाड़ा-डूंगरपुर सांसद राजकुमार रोत का भी बयान सामने आया है।
इतना दबाव की SP, तहसीलदार का रातोंरात ट्रांसफर
BAP सांसद राजकुमार रोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि “लोकतंत्र में धरना, प्रदर्शन और आंदोलन करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज राजस्थान में भाजपा सरकार के खिलाफ आवाज उठाना भी अपराध जैसा बना दिया गया है। कुचामन सिटी में शांतिपूर्वक विरोध दर्ज करा रहे युवाओं की गिरफ्तारी, उन्हें कानून सम्मत जमानत देने वाले तहसीलदार का रातों-रात तबादला, जिला पुलिस अधीक्षक का बेवजह ट्रांसफर तथा थाना अधिकारी का निलंबन बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है।“
अधिकारियों में डर का माहौल
रोत ने आगे लिखा कि “क्या भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ संविधान और कानून से भी ऊपर हो गए हैं, जिनके दबाव में आधी रात को प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था में हस्तक्षेप करना पड़ा ? भाजपा प्रशासनिक तंत्र को पूर्णतः पार्टी का तंत्र बनाने का कुत्सित प्रयास कर रही है।यह घटनाक्रम लोकतांत्रिक मूल्यों, प्रशासनिक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आज़ादी पर सीधा प्रहार है। अधिकारियों में भय का माहौल बनाकर सरकार लोकतंत्र एवं शासन व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रही है।“
रोत ने कहा कि “इस मुद्दे पर भारत आदिवासी पार्टी (BAP) इस तानाशाही और लोकतंत्र विरोधी रवैये का पुरजोर विरोध करती है। हमारी पार्टी लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के हर संघर्ष में जनता के साथ खड़ी है और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए निरंतर आवाज बुलंद करती रहेगी।“
राजकुमार रोत को अपना छोटा भाई बताते हैं बेनीवाल
गौरतलब है कि हनुमान बेनीवाल कई मंचों पर राजकुमार रोत को अपना "छोटा भाई" बता चुके हैं। संसद के भीतर भी इन दोनों की जुगलबंदी काफी चर्चित रही है। राजस्थान की राजनीति में जिस 'तीसरे मोर्चे' की चर्चा सालों से चल रही थी, उसमें सबसे बड़ा नाम हनुमान बेनीवाल और राजकुमार रोत का ही है। जानकारों का कहना है कि 2028 के चुनावों में थर्ड फ्रंट के अगुआ यही नेता हो सकते हैं।
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