रामजल सेतु लिंक प्रोजेक्ट भी नहीं दिला पाया बीजेपी को वोट, पूर्वी राजस्थान के निकायों में कैसा रहे हालात?

राजस्थान के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्से में रामजल सेतु लिंक परियोजना को एक बड़े जल प्रोजेक्ट के तौर पर देखा जा रहा है। इसी क्षेत्र में हुए निकाय चुनावों के नतीजों ने अब सियासी तस्वीर का एक अलग पहलू सामने रखा है। 17 जिलों के 118 निकायों में बीजेपी 54 में बढ़त हासिल करने में सफल रही, जबकि कांग्रेस 36 निकायों में आगे रही और 28 निकायों में निर्दलीय निर्णायक भूमिका में रहे। ऐसे में सवाल यह है कि जिन इलाकों को रामजल सेतु परियोजना से लाभ मिलने की उम्मीद है, वहां परियोजना को लेकर बनी राजनीतिक चर्चा चुनावी नतीजों में कितनी दिखाई दी।
पूर्वी राजस्थान में राम सेतु जल लिंक परियोजना का असर
पूर्वी जिलों में बीजेपी का निकाय चुनाव में प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। 118 निकाय में बीजेपी ने सिर्फ 54 में जीत या बढ़त हासिल की है।
-जयपुर नगर निगम में बीजेपी को बहुमत, 150 में से 78 वार्ड बीजेपी ने जीते, 53 वार्ड कांग्रेस ने, 15 सीटों पर निर्दलीय और अन्य हैं। जयपुर जिले के 18 में से 11 निकायों में बीजेपी का बोर्ड, 4 पालिकाओं में कांग्रेस-निर्दलीय गठजोड़ का बोर्ड
-दौसा के 11 निकायों में 5 में बीजेपी का बोर्ड, निर्दलीय गठजोड़ का भी
-अजमेर नगर निगम में – 80 वार्ड- 37 सीटें कांग्रेस की, 32 सीटें बीजेपी की, बोर्ड कांग्रेस का निर्दलियों के साथ , अजमेर में कुल 9 में से 7 निकायों में बीजेपी जीती है।
-टोंक- बीजेपी हारी
टोंक में कुल 10 नगर निकाय, जिसमें 7 में बीजेपी जीती, 2 में कांग्रेस का बोर्ड, 1 में निर्दलीय किंगमेकर
-कोटा नगर निगम में बीजेपी को स्पष्ट बहुमत, बोर्ड बनेगा, वहीं कोटा-बूंदी के कुल 16 निकाय में से 9 में बीजेपी को बढ़त, बोर्ड बन सकता है,
-झालावाड़ नगर परिषद- 45 में से सिर्फ 13 सीटें बीजेपी की, 29 वार्ड कांग्रेस के, बोर्ड कांग्रेस का,
कुल 8 में से 3 निकाय में बीजेपी का दबदबा, 4 में कांग्रेस का बोर्ड, 1 में निर्दलीय किंगमेकर
-बारां नगर परिषद- 60 वार्ड- बीजेपी को 9, कांग्रेस को 18, आप की 31, बोर्ड आप का,
बारां के कुल 6 निकायों में सिर्फ एक बोर्ड बीजेपी का है, 1 बोर्ड बीजेपी-निर्दलीय गठजोड़ का हो सकता है, 1 बोर्ड कांग्रेस का , 2 बोर्ड कांग्रेस-निर्दलीय गठजोड़ का
-भरतपुर नगर निगम में बीजेपी को सिर्फ 20 वार्ड, निर्दलीय बोर्ड, कुल 7 निकायों में सातों निर्दलियों के पास, बीजेपी-कांग्रेस का कुछ नहीं
-अलवर में 65 वार्ड- गठजोड़ का बोर्ड, बीजेपी या कांग्रेस का, ज्यादा सीटें 28 बीजेपी की, अलवर में कुल 12 निकाय-इसमें 5 में बीजेपी को बोर्ड बन सकता है निर्दलियों के समर्थन से, 1 में कांग्रेस-निर्दलीय़ बोर्ड बन सकता है, 2 में निर्दलीय बोर्ड है तो 3 में त्रिशंकु स्थिति बन रही है।
कुल मिलाकर इन राम जल सेतु लिंक परियोजना के दायरे में आने वाले पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के जो 17 जिले हैं, उनमें जो 118 निकाय़ हैं उनमें से 54 निकायों में बीजेपी ने बढ़त हासिल की है, कहीं बीजेपी को बहुमत है, बोर्ड उसीका है तो कहीं उसे निर्दलिय़ों के समर्थन से चेयरमैन चुनना होगा। वहीं बाकी 36 निकायों में कांग्रेस आगे रही है और 28 निकायों में निर्दलीय किंगमेकर की भूमिका में हैं।
ऐसे में पूर्वी राजस्थान के 17 जिलों में जहां बीजेपी का प्रदर्शन उम्दा होना चाहिए था, वहां पर ठीकठाक रहा है। 118 में 54 निकायों में बीजेपी को बढ़त उतनी खास नहीं है जितनी होनी चाहिए। बीजेपी की बढ़ता का प्रतिशत सिर्फ 45.7 यानी लगभग 46 रहा है। ये आधा भी नहीं है। यानी राम जल सेतु लिंक परियोजना भी यहां बीजेपी के लिए कुछ खास कमाल नहीं कर पाई।
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