लक्ष्मणरेखा पार ना करने की किसे हिदायत दे रहे हैं अशोक गहलोत? कांग्रेस के किस नेता की तरफ है इशारा

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पिछले तीन दिनों लगातार ऐसे-ऐसे बयान दिए जा रहे हैं जिन्होंने सियासत में हलचल मचाई हुई है। पहले BAP पार्टी के कार्यकर्ताओं की कांग्रेस ज्वाइनिंग पर, फिर डोटासरा की नाराजगी पर बयान दिए और अब उन्होंने लक्ष्मणरेखा पार ना करने की हिदायत दी है।
लक्ष्मणरेखा पार ना करें- अशोक गहलोत
जोधपुर में शनिवार को शहर जिला कांग्रेस कमेटी के कांग्रेस कार्यकर्ता समागम में बोलते हुए अशोक गहलोत ने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को एकजुट रहने की सलाह देते हुए कहा कि कोई भी "लक्ष्मण रेखा" पार न करे। उन्होंने कहा कि मतभेद भुलाकर संगठन को मजबूत करना जरूरी है, तभी कांग्रेस देश, समाज और गरीबों के प्रति अपनी जिम्मेदारियां प्रभावी ढंग से निभा सकेगी।
क्या डोटासरा के लिए थी ये नसीहत?
इसके बाद से ये कयास लगाए जा रहे हैं कि आखिर उन्होंने ये बात कही किसके लिए है। कई सियासी जानकार इसे गोविंद सिंह डोटासरा के बयान से जोड़कर देख रहे हैं। जिसमें डोटासरा ने 309 BAP नेताओं के कथित तौर पर अशोक गहलोत के आवास पर कांग्रेस ज्वाइन कराने पर तल्खी दिखाई थी। डोटासरा ने कहा था कि पार्टी में व्यक्तिगत ब्रांडिंग नहीं करनी चाहिए। किसी को पार्टी ज्वाइन करनी है तो पीसीसी कार्यालय आए।
गहलोत ने कहा था- कोई नाराजगी नहीं है
डोटासरा ने ये भी कहा था कि अशोक गहलोत और सचिन पायलट बड़े नेता हैं लेकिन पार्टी तो मैं ही चला रहा हूं ना। हालांकि इस पर बीते दिन गहलोत का एक और बयान था जिसमें उन्होंने कहा था कि BAP कार्यकर्ताओं ने ज्वाइनिंग की ही नहीं है, वो तो मिलने के लिए ही आए थे। और पार्टी में कोई नाराज नहीं है ना ही मैं नाराज हूं और ना ही अध्यक्ष नाराज हैं।
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