डोटासरा के इस्तीफे की मांग और सद्बुद्धि यज्ञ के बीच भीलवाड़ा में कांग्रेस महिला नेता बर्खास्त

भीलवाड़ा: राजस्थान कांग्रेस में निकाय चुनाव के बाद अंदरूनी खींचतान के बीच भीलवाड़ा से बड़ी खबर सामने आई है। पार्टी ने भीलवाड़ा महिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष रेखा हिरण को उनके पद से बर्खास्त कर दिया है। रेखा हिरण पर गंगापुर नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव में कांग्रेस के आधिकारिक प्रत्याशी के खिलाफ बगावत कर निर्दलीय नामांकन दाखिल करने और नाम वापस नहीं लेने का आरोप है। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सारिका सिंह की तरफ से ये आदेश जारी हुआ है।
गंगापुर में कांग्रेस के सामने हुई थीं खड़ी
गंगापुर नगर पालिका में अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर कांग्रेस के भीतर उस समय खींचतान सामने आई, जब पार्टी ने प्रीति काकाणी को अपना आधिकारिक प्रत्याशी घोषित किया। इसके बावजूद महिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष रेखा हिरण ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल कर दिया।
नामांकन वापसी की समय सीमा तक रेखा हिरण ने अपना पर्चा वापस नहीं लिया, जिसके बाद पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता और अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ बगावत माना। रिपोर्टों के मुताबिक गंगापुर नगर पालिका में कांग्रेस के पास 14 पार्षदों के साथ बहुमत है, ऐसे में पार्टी के सामने अपनी ही नेता के मैदान में उतरने से चुनौती खड़ी हो गई थी।
डोटासरा के खिलाफ यज्ञ के बाद भीलवाड़ा में एक्शन
रेखा हिरण पर कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब भीलवाड़ा में ही कांग्रेस के भीतर प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ विरोध के सुर तेज हुए हैं। जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में PCC सदस्य मनोज पालीवाल ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के लिए 'सद्बुद्धि यज्ञ' किया था और उनके इस्तीफे की मांग उठाई थी।
पालीवाल ने ये यज्ञ भीलवाड़ा नगर निगम चुनाव में 17 कांग्रेस प्रत्याशियों को कथित तौर पर पार्टी सिंबल नहीं मिल पाने और महापौर चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी नहीं उतार पाने को लेकर किया था। उन्होंने इन घटनाओं के लिए प्रदेश नेतृत्व पर सवाल उठाए थे और डोटासरा के इस्तीफे की मांग की थी।
ऐसे में ये सवाल भी उठ रहा है कि क्या भीलवाड़ा में डोटासरा के खिलाफ हुए 'सद्बुद्धि यज्ञ' और रेखा हिरण पर हुई कार्रवाई का कोई संबंध है? फिलहाल ऐसा कोई आधिकारिक प्रमाण या बयान सामने नहीं आया है, जिससे यह कहा जा सके कि रेखा हिरण की बर्खास्तगी मनोज पालीवाल के यज्ञ या डोटासरा के इस्तीफे की मांग के बाद हुई कार्रवाई का हिस्सा है।
भीलवाड़ा कांग्रेस में बढ़ती अंदरूनी हलचल
एक तरफ PCC सदस्य मनोज पालीवाल प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के खिलाफ सार्वजनिक तौर पर इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी ओर पार्टी ने अपने अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ने वाली महिला कांग्रेस नेता पर कार्रवाई की है। ऐसे में भीलवाड़ा कांग्रेस में संगठनात्मक अनुशासन, स्थानीय नेतृत्व और प्रदेश नेतृत्व के बीच तालमेल को लेकर सवाल जरूर खड़े हो रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि पार्टी इस अंदरूनी खींचतान को किस तरह संभालती है और क्या भीलवाड़ा से उठे ये विवाद प्रदेश कांग्रेस की राजनीति में कोई बड़ा असर डालते हैं।
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