आखिर कैसे बना लिए बीजेपी ने जयपुर, कोटा, जोधपुर..तीनों जगह अपने मेयर, कांग्रेस को कैसे दी पटखनी?

जयपुर। राजस्थान के 3 बड़े नगर निगमों में मेयर चुनाव के नतीजे सामने आ गए हैं। जयपुर, कोटा और जोधपुर- तीनों जगह बीजेपी ने मेयर पद पर कब्जा किया है। हालांकि तीनों शहरों में जीत का गणित अलग-अलग रहा। जयपुर में बीजेपी के पास शुरुआत से स्पष्ट बहुमत था, कोटा में घोषित संख्या बल से ज्यादा वोट मिले, जबकि जोधपुर में निर्दलीय पार्षद निर्णायक रहे।
जयपुर में सुनील कोठारी मेयर बने। उन्हें 89 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की सुनीता मावर को 60 वोट मिले। एक वोट नोटा के खाते में गया। 150 सदस्यीय निगम में बहुमत के लिए 76 वोट चाहिए थे। बीजेपी के पास 78 पार्षदों का मूल संख्या बल था, जबकि कांग्रेस के 57 और निर्दलीयों के 15 पार्षद थे। कोठारी को अपने दल के संख्या बल से 11 वोट ज्यादा मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को अपने मूल संख्या बल से 3 वोट ज्यादा मिले।
कोटा में कांग्रेस की क्रॉस वोटिंग से जीती बीजेपी
कोटा में अनुसुईया गोस्वामी ने बाजी मारी। बीजेपी प्रत्याशी को 65 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की सुनीता सुमन को 35 वोट मिले। 100 वार्ड वाले निगम में बीजेपी के 57 और कांग्रेस के 39 पार्षद थे। बीजेपी को दो निर्दलीयों का समर्थन भी मिला था। इसके बावजूद गोस्वामी को घोषित समर्थन से 6 वोट ज्यादा मिले और कांग्रेस प्रत्याशी को अपने मूल संख्या बल से 4 वोट कम। सीक्रेट मतदान के चलते रूप से किसने क्रॉस वोटिंग की, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा सकती।
सबसे दिलचस्प मुकाबला जोधपुर में रहा। यहां बीजेपी के प्रसन्नचंद मेहता को 53 और कांग्रेस के राजेंद्र सिंह सोलंकी को 47 वोट मिले। 100 सदस्यीय निगम में बीजेपी के 45 और कांग्रेस के 44 पार्षद थे। 10 निर्दलीय और एक RLP पार्षद के कारण मुकाबला पूरी तरह खुला था। बीजेपी ने चुनाव से पहले सात निर्दलीयों के समर्थन का दावा किया था और आखिरी नतीजे में मेहता ने 53 वोट हासिल कर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया।
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