जयपुर की पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल की हार: मेयर पद की दावेदारी से लेकर अपने ही वार्ड में शिकस्त तक, क्या कहता है नतीजा?

Jaipur Nagar Nigam Elections Results: जयपुर नगर निगम चुनाव में पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल की हार सबसे चर्चित नतीजों में शामिल है। कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुईं ज्योति खंडेलवाल को बीजेपी ने वार्ड नंबर 110 से मैदान में उतारा था। उन्हें मेयर पद के संभावित दावेदारों में भी गिना जा रहा था, लेकिन चुनाव परिणाम ने पूरा सियासी समीकरण बदल दिया। कांग्रेस की सुनीता मेठी ने उन्हें करारी शिकस्त दे दी।
वार्ड के किसी बूथ पर बढ़त तक नहीं बना सकीं
इस हार की सबसे बड़ी वजह और राजनीतिक संदेश ये है कि ज्योति खंडेलवाल अपने वार्ड के किसी भी बूथ पर बढ़त नहीं बना सकीं। यानी ये महज सीट हारने का मामला नहीं है, बल्कि एक पूर्व मेयर और चर्चित चेहरे के लिए अपने ही चुनाव क्षेत्र में जनसमर्थन के कमजोर पड़ने का संकेत माना जा रहा है।
2009 में पहली बार बनीं थीं मेयर
ज्योति खंडेलवाल 2009 में जयपुर की मेयर चुनी गई थीं और बाद में अक्टूबर 2023 में बीजेपी में शामिल हुईं। इस चुनाव में बीजेपी के टिकट पर उतरने के बाद उनकी उम्मीदवारी को पार्टी के लिए भी अहम माना जा रहा था। ऐसे में उनकी हार ये सवाल खड़ा करती है कि क्या पार्टी बदलने का सियासी फायदा उन्हें नहीं मिल पाया, या स्थानीय स्तर पर उनके खिलाफ नाराजगी ज्यादा प्रभावी रही?
वहीं दूसरी तरफ जयपुर नगर निगम के घोषित नतीजों में बीजेपी मजबूत स्थिति में है। ऐसे में ज्योति खंडेलवाल की व्यक्तिगत हार और बीजेपी के व्यापक प्रदर्शन को अलग-अलग देखना होगा। पार्टी का प्रदर्शन मजबूत रहने के बावजूद एक बड़े चेहरे का अपने वार्ड में हारना स्थानीय चुनावों में उम्मीदवार की व्यक्तिगत स्वीकार्यता और स्थानीय समीकरणों की अहमियत को दिखाता है।
ये भी पढ़ें- राजस्थान नगर निकाय चुनाव नतीजे 2026: साफ हुई 10 निगमों की तस्वीर, 5 में बीजेपी 3 में कांग्रेस का दबदबा, 2 में निर्दलियों का बोर्ड!
ये भी पढ़ें- राजस्थान निकाय चुनाव 2026: CM से पूर्व CM तक...दिग्गजों के गढ़ में BJP को झटके, निर्दलीयों ने बिगाड़ा गणित
ये भी पढ़ें- जोधपुर नगर निगम में ‘टाई’ हुआ चुनाव, अब निर्दलीयों पर बीजेपी-कांग्रेस की नजर
इस लिंक को शेयर करें

