किरोड़ी लाल मीणा को स्वाइन फ्लू, अस्पताल में भर्ती, बेनीवाल ने बीमारी पर घेरा लेकिन किरोड़ी पर चुप

राजस्थान की सियासत में हमेशा सुर्खियों में रहने वाले कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा को अचानक अस्पताल में भर्ती कराना पड़ गया है। उन्हें स्वाइन फ्लू हो गया है। स्वाइन फ्लू की चपेट में आने के बाद उन्हें जयपुर के SMS अस्पताल के ICU वार्ड में भर्ती कराया गया है। लेकिन किरोड़ी मीणा को स्वाइन फ्लू होने के साथ ही इस पर सियासत शुरु हो गई है। नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने स्वाइन फ्लू पर सरकार को तो घेर लिया लेकिन किरोड़ी की बीमारी पर कुछ नहीं कहा।
SMS के ICU में भर्ती हैं किरोड़ी लाल मीणा
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से डॉ. किरोड़ी लाल मीणा की तबीयत खराब चल रही थी। जब डॉक्टरों ने स्वाइन फ्लू की जांच की, तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई। बस फिर क्या था... डॉक्टरों की टीम ने रिस्क न लेते हुए उन्हें तुरंत सवाई मानसिंह अस्पताल के मेडिकल ICU में शिफ्ट कर दिया।
फिलहाल, SMS मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी, मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. महेंद्र अग्रवाल और डॉ. आर.के. भीनमाल की खास टीम उनकी पल-पल की निगरानी कर रही है। संक्रमण न फैले, इसलिए डॉक्टरों ने उनसे मिलने के भी मना कर दिया है।
लेकिन असली फिक्र की बात सिर्फ ये नहीं है, असली टेंशन तो उस बात की है, जो किरोड़ी मीणा के इस बीमारी के साथ ही सामने आए हैं कि राजस्थान में स्वाइन फ्लू एंट्री ले चुका है।
15 दिनों में 129 स्वाइन फ्लू के मामले
इस साल अगस्त के शुरुआती 15 दिनों में ही प्रदेश में स्वाइन फ्लू के 129 मामले सामने आ चुके हैं। यकीन मानिए, पिछले साल इसी टाइम पर सिर्फ 16 केस थे। यानी सीधे-सीधे 8 गुना की बढ़ोतरी। दिल्ली और यूपी जैसे पड़ोसी राज्यों में भी मामले बढ़ रहे हैं, जिसके बाद राजस्थान का स्वास्थ्य विभाग अब पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। अस्पतालों में आइसोलेशन बेड और दवाइयों का इंतजाम तेज कर दिया गया है।
हनुमान बेनीवाल ने सरकार को घेरा, किरोड़ी के लिए प्रार्थना तक नहीं!
इसी बीच, RLP सुप्रीमो और सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी ट्वीट कर सरकार की तैयारियों पर सवाल दाग दिए हैं। बेनीवाल ने कहा कि 'दिल्ली में स्वाइन फ्लू और गुजरात में चांदीपुरा वायरस से हाल बेहाल हैं, राजस्थान में भी केस बढ़ रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य मंत्री गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाए हुए हैं। उन्होंने सीधा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से पूछा कि महामारी से निपटने का क्या यही तरीका है कि एक महीने बाद रिपोर्ट मांगी जा रही है? स्वास्थ्य व्यवस्था प्रेस कॉन्फ्रेंस से नहीं, बल्कि समय पर एक्शन लेने से चलती है। बेनीवाल ने सरकार से तुरंत जिलों में समीक्षा करने और अस्पतालों में डॉक्टरों व दवाइयों की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।
दिल्ली और यूपी जैसे पड़ोसी राज्यों में भी मामले बढ़ रहे हैं, जिसके बाद राजस्थान का स्वास्थ्य विभाग अब पूरी तरह अलर्ट मोड पर आने का दावा कर रहा है। तो बात साफ है— मौसम बदल रहा है और स्वाइन फ्लू का खतरा तेजी से पांव पसार रहा है। अब राजस्थान की जनता किरोड़ी लाल मीणा के जल्द ठीक होने की प्रार्थना कर रही है।
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