Rajasthan 10 Nigam Mayor Elections: जयपुर, जोधपुर, कोटा में सबसे टफ मेयर चुनाव, 2 में बीजेपी की तरफ निर्दलियों का झुकाव

राजस्थान के 10 नगर निगमों के लिए मेयर पद को लेकर आपाधापी चल रही है। 10 में से 8 नगर निगम में मेयर पद के नामांकन के लिए आज आखिरी दिन है। भरतपुर और भीलवाड़ा में तो निर्विरोध मेयर चुने जा चुके हैं अब असली परीक्षा बाकी 8 निगम की है। जिसमें जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और बीकानेर जैसे निगम शामिल हैं। इसमें बीजेपी और कांग्रेस के बीच निर्दलियों को साधने की कड़ी टक्कर चल रही है।
यहां समझें सभी निगमों की सियासी समीकरण
1- जोधपुर में सबसे पेचीदा मुकाबला, है, क्योंकि यहां के कुल 100 वार्डों में भाजपा ने 45, कांग्रेस ने 44, निर्दलीयों ने 10 और RLP ने 1 सीट जीती है। यानी भाजपा को बहुमत के लिए 6 वोट और चाहिए, जबकि कांग्रेस को 7. भाजपा में मेघराज लोहिया और प्रसन्न चंद मेहता के नाम चर्चा में हैं। कांग्रेस में गणपत सिंह चौहान, नरेश जोशी, प्रदीप गांग और कमलेश पुरोहित जैसे नाम दावेदारी में बताए जा रहे हैं।
यहां 10 निर्दलीय और एक RLP पार्षद का रुख महत्वपूर्ण होगा। भाजपा पहले ही सात निर्दलीय पार्षदों के समर्थन का दावा कर चुकी है, जिससे उसका कुल समर्थन 52 तक पहुंचने का दावा किया गया है।
2- कोटा में बीजेपी बहुमत में है। भाजपा में OBC महिला आरक्षण के चलते कई नाम चर्चा में हैं। सुनीता सेन, प्रतिभा सुमन, सीमा चौधरी, प्रमिला वर्मा और दीपिका शर्मा सहित कई नाम सामने आए हैं। कांग्रेस ने सुनीता सुमन को मेयर प्रत्याशी बनाया है।
3- बीकानेर में कांग्रेस के पास स्पष्ट बहुमत है, उसने अनिल कल्ला को उम्मीदवार बनाया है। पार्टी के बागी नवरतन डागा ने भी नामांकन दाखिल किया था, लेकिन 18 सितंबर को नामांकन वापस ले लिया। वहीं भाजपा की तरफ से सुरेंद्र सिंह शेखावत का नाम सामने है।
4- उदयपुर में भाजपा ने पारस सिंघवी को मेयर प्रत्याशी बनाया और उन्होंने नामांकन भी दाखिल कर दिया। कांग्रेस की तरफ से पूनम कुंवर राठौड़ मैदान में हैं।
5- अजमेर में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी है। कांग्रेस ने किरण गढ़वाल और भाजपा ने अनामिका शर्मा को मेयर प्रत्याशी बनाया है। किरण गढ़वाल के नामांकन पर भाजपा की आपत्ति भी लगाई गई थी, लेकिन प्रशासन ने उसे खारिज कर उनका नामांकन वैध माना। यहां दोनों प्रमुख दल बहुमत से दूर हैं। कांग्रेस को बहुमत तक पहुंचने के लिए चार अतिरिक्त वोट चाहिए, जबकि भाजपा को 9, इसलिए 11 निर्दलीय पार्षद चुनाव का अहम हिस्सा हैं।
6- अलवर में BJP सबसे बड़ी पार्टी, लेकिन बहुमत से दूर है। भाजपा की सुमनलता अग्रवाल और कांग्रेस की कमलेश शर्मा के बीच मुकाबला है। निर्दलीय रिंकल गर्ग ने भी नामांकन किया था, लेकिन 18 सितंबर को उन्होंने नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद मुकाबला सीधे भाजपा और कांग्रेस के बीच रह गया है। भाजपा को बहुमत से पांच और कांग्रेस को 10 पार्षद कम हैं। इसलिए 13 निर्दलीयों का समर्थन निर्णायक हो सकता है।
7- पाली में कांग्रेस तो बड़ी पार्टी बनी है लेकिन बागी राजबाला हिंगड़ ने चुनौती दी हुई है। बीजेपी ने नमिता बुबकिया, कांग्रेस ने सुमित्रा जैन को प्रत्याशी बनाया है। इसलिए पाली में मुकाबला सुमित्रा जैन बनाम नमिता बुबकिया बनाम राजबाला हिंगड़ का त्रिकोण बन गया है।
8- जयपुर में BJP के पास बहुमत, लेकिन मेयर के नाम अभी सस्पेंस है। जो कि नामांकन के साथ ही खत्म होगा। 150 वार्ड वाले जयपुर नगर निगम में भाजपा बहुमत से दो सीट ऊपर है। भाजपा में अभी तक आधिकारिक तौर पर मेयर का नाम सामने नहीं आया है। सुनील कोठारी, पुनीत कर्णावट, विमल अग्रवाल और शैलेंद्र भार्गव समेत कई नाम चर्चा में हैं। कांग्रेस ने भी मेयर चुनाव लड़ने का फैसला किया है, लेकिन 19 सितंबर की सुबह तक उसके उम्मीदवार का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया था। कांग्रेस की तरफ से यह दावा जरूर किया गया है कि भाजपा के कुछ पार्षद उसके संपर्क में हैं।
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