राजस्थान विधानसभा में CJP पर मारपीट को लेकर घमासान, जूली-डोटासरा का BJP पर हमला, बेढ़म बोले- कांग्रेस का मुखौटा पहनकर गए थे

जयपुर: राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन शुक्रवार को सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों की एंट्री और बगरू के रामपुरा-कंवरपुरा सरकारी स्कूल में CJP कार्यकर्ताओं के साथ कथित मारपीट का मुद्दा गरमा गया। कांग्रेस ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार और शिक्षा मंत्री को निशाने पर लिया। इसे लेकर सुबह 11 बजे के बाद महज 5 मिनट में ही सदन स्थगित हो गया फिर जब 12 बजे सदन फिर से शुरु हुआ तो 15 मिनट बाद भी स्थगित कर दिया गया। इसके बाद फिर 1 बजे कार्यवाही शुरु हुई। इसमें विपक्ष लगातार नारेबाजी कर रहा है, तालियां पीट रहा है। आलम ये है कि पूरा प्रश्नकाल हंगामे में ही चल रहा है।
वहीं, सरकार की तरफ से गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने पलटवार करते हुए CJP को कांग्रेस का मुखौटा बताया। बेढ़म ने कहा कि ऐसे लोगों को जनता दौड़ा-दौड़ाकर भगाएगी, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बगरू में मारपीट किसने की, इसकी जांच की जाएगी।
जूली का सवाल- कल हमारे लिए गेट क्यों बंद किया?
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने 20 अगस्त को विधानसभा के एंट्री गेट बंद किए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी से सवाल करते हुए कहा कि जब पिछली सरकार के समय देवनानी और गुलाबचंद कटारिया विपक्ष में रहते हुए प्रदर्शन करते थे, तब वे इसी गेट से अंदर आते थे।
जूली ने सवाल उठाया कि जब बीजेपी विपक्ष में थी तब इसी रास्ते से प्रदर्शनकारी विधायक आते थे, लेकिन अब कांग्रेस के लिए वही गेट क्यों बंद कर दिया गया? कांग्रेस का आरोप है कि विपक्ष को विधानसभा में प्रवेश से रोककर लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन किया गया। 20 अगस्त को कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया था और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की तथा बैरिकेड्स पर चढ़ने की तस्वीरें भी सामने आई थीं। जूली ने पहले ही कहा था कि विधानसभा का गेट बंद किए जाने के मामले में कांग्रेस विशेषाधिकार हनन का नोटिस देगी।
बगरू के स्कूल में CJP से मारपीट का मुद्दा सदन में गूंजा
विधानसभा में कांग्रेस ने बगरू विधानसभा क्षेत्र के रामपुरा-कंवरपुरा स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल में CJP कार्यकर्ताओं के साथ हुई कथित मारपीट को भी जोरदार तरीके से उठाया।
CJP की टीम सरकारी स्कूल की स्थिति का निरीक्षण करने पहुंची थी। वहां ग्रामीणों के विरोध के बाद विवाद बढ़ गया। ताजा रिपोर्टों में CJP कार्यकर्ताओं के विरोध, उन्हें दौड़ाने और कुछ गाड़ियों के शीशे तोड़े जाने की बात सामने आई है। CJP से जुड़े आशुतोष रांका ने हमले के पीछे बीजेपी से जुड़े लोगों का आरोप लगाया है।
गांव वालों ने CJP पर लगाया स्कूल तोड़ने और गाड़ियां तोड़ने का आरोप
दूसरी तरफ इन आरोपों पर खुद गांव वालों ने मीडिया से कहा कि CJP अपने साथ 200 लोगों की भीड़ लेकर आई थी। वो लोग स्कूल को तोड़ने की बात कह रहे थे, जिसका गांव वालों ने विरोध किया क्योंकि उनके बच्चे वहां पर पढ़ते हैं। स्कूल की हालत ठीक नहीं है जिसकी सूचना जनप्रतिनिधि को दी जा चुकी है। स्कूल के लिए पैसे भी आ चुके हैं। इन लोगों ने खुद ही गाड़ियां तोड़ी हैं और गांव वालों का नाम लगा रहे हैं।
जूली-डोटासरा बोले- 'बीजेपी के गुंडे' कर रहे हैं मारपीट
सदन के भीतर और बाहर जूली और डोटासरा ने आरोप लगाया कि सरकार ने सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों की एंट्री रोकने के लिए आदेश जारी किया और अब जब कोई स्कूल की असली हालत सामने लाने की कोशिश कर रहा है तो उसके साथ मारपीट की जा रही है। कांग्रेस नेताओं ने इसे सरकार की तानाशाही बताया।
डोटासरा ने शिक्षा विभाग के आदेश पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार स्कूलों की असली हालत सामने आने से डर रही है। कांग्रेस का कहना है कि अगर स्कूलों में व्यवस्थाएं बेहतर हैं तो किसी को निरीक्षण या वास्तविक स्थिति दिखाने से डरने की जरूरत नहीं होनी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने इस दौरान केंद्र सरकार पर भी हमला बोला और दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई का हवाला देते हुए राजस्थान की घटना से तुलना की।
'जंतर-मंतर पर मोदी-अमित शाह ने छात्रों पर पैलेट गन चलाई'
डोटासरा और जूली ने अपने हमले को राष्ट्रीय राजनीति से भी जोड़ा। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पीएम मोदी और अमित शाह की सरकार ने पैलेट गन का इस्तेमाल किया और अब राजस्थान में भी लोगों को दबाने के लिए हिंसा का सहारा लिया जा रहा है।
'सरकार के आदेश से ही स्कूल में नहीं घुसने दिया'
कांग्रेस का आरोप है कि स्कूलों में बाहरी लोगों की एंट्री रोकने वाला शिक्षा विभाग का आदेश सीधे तौर पर CJP के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान को रोकने के लिए लाया गया।
20 अगस्त को भी कांग्रेस ने इसी आदेश के खिलाफ प्रदर्शन किया था। कांग्रेस विधायक और नेता पोद्दार स्कूल पहुंचे थे, जहां उन्हें स्कूल के मुख्य गेट पर रोका गया। इसके बाद कांग्रेस ने पोद्दार स्कूल से विधानसभा तक पैदल मार्च किया।
सरकार की ओर से इस आदेश को विद्यार्थियों की सुरक्षा, निजता और स्कूलों में अनधिकृत प्रवेश रोकने से जोड़कर देखा जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक फोटो, वीडियो, इंटरव्यू और लाइव स्ट्रीमिंग के लिए भी अनुमति का प्रावधान किया गया है।
डोटासरा ने विधानसभा में बनाई 'मटकी', बीजेपी पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
हंगामे के बीच गोविंद सिंह डोटासरा ने विधानसभा में अनोखे तरीके से सरकार पर हमला बोला। उन्होंने बीजेपी के नाम की मटकी बनाई और उसमें नकली नोटों के जरिए 'पाप' भरने का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया। इसके बाद डोटासरा ने मटकी फोड़ते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार पर भ्रष्टाचार और तानाशाही के आरोप लगाए। उन्होंने शिक्षा मंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि शिक्षा विभाग में मनमाने आदेश जारी किए जा रहे हैं।
कांग्रेस ने सदन में और बाहर 'भगोड़ी सरकार' के नारे भी लगाए और आरोप लगाया कि राजस्थान में लोकतांत्रिक व्यवस्था के बजाय तानाशाही का माहौल बनाया जा रहा है।
20 अगस्त को भी 21 मिनट में स्थगित हो गया था सदन
ये विवाद एक दिन में पैदा नहीं हुआ है। राजस्थान विधानसभा के छठे सत्र की शुरुआत 20 अगस्त को हुई थी और पहले ही दिन कांग्रेस ने स्कूलों में मीडिया और बाहरी लोगों की एंट्री पर रोक को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। कांग्रेस के प्रदर्शन के बीच सदन की कार्यवाही शुरू हुई, लेकिन श्रद्धांजलि के बाद महज 21 मिनट में कार्यवाही शुक्रवार तक स्थगित कर दी गई।
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