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Rajasthan Nikay Elections Results 2026: NOTA से कम वोट मिले RLP को, AAP-BAP-BSP का बुरा हाल

Rajasthan Nikay Elections Results 2026: NOTA से कम वोट मिले RLP को, AAP-BAP-BSP का बुरा हाल
राजनीति
15 Sept 2026, 02:33 pm
रिपोर्टर : Jyoti Sharma

राजस्थान नगर निकाय में बीते दिन जो नतीजे आए हैं, उसने एक बिंदू पर सभी का ध्यान खींचा है कि पूरे राजस्थान में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी, बीजेपी और कांग्रेस का सफाया करने की बात कहती थी उसे खुद नोटा से कम वोट मिले हैं। वहीं आम आदमी पार्टी को भी 50 हजार से भी कम वोट मिले हैं।

AAP को 0.46% वोट, लेकिन 42 वार्ड—क्या ये अच्छा प्रदर्शन है?

आम आदमी पार्टी को कुल 1 करोड़ 6 लाख वोटों में से सिर्फ 49,829 वोट मिले। इसका वोट शेयर 0.46% रहा। लेकिन AAP ने 42 वार्डों में जीत दर्ज की। ये आंकड़ा पहली नजर में छोटा लग सकता है, लेकिन वोट शेयर के मुकाबले देखें तो इसकी तस्वीर दिलचस्प है।

10,235 घोषित वार्डों को आधार मानें तो AAP का वार्ड शेयर करीब 0.41% है। यानी—

वोट शेयर: 0.46%

वार्ड शेयर: करीब 0.41%

दोनों लगभग बराबर हैं।

अगर AAP का वोट पूरे प्रदेश में बिल्कुल समान तरीके से वितरित होता और उसे अपने वोट शेयर के अनुपात में वार्ड मिलते, तो 10,235 वार्डों में 0.46% के हिसाब से उसे करीब 47 वार्ड मिलने की संभावना बनती। वास्तव में उसे 42 वार्ड मिले।

यानी वोट शेयर के अनुपात में देखें तो AAP का वार्ड प्रदर्शन करीब 5 वार्ड कम रहा। इसलिए इसे वोटों के मुकाबले असाधारण रूप से ज्यादा सीट मिलने वाला प्रदर्शन कहना सही नहीं होगा।

AAP के लिए 42 सीटों का राजनीतिक महत्व

AAP के कुल वोट बीजेपी-कांग्रेस के मुकाबले बहुत कम हैं, फिर भी वह 42 वार्ड जीतने में सफल रही। इसका मतलब है कि जहां AAP ने अपना संगठन या उम्मीदवार मजबूत किया, वहां उसके छोटे वोट बेस को जीत में बदलने में सफलता मिली। हालांकि पूरे प्रदेश के स्तर पर उसका 0.46% वोट शेयर अभी बहुत छोटा है।

AAP के 42 वार्डों का खास गणित

AAP को कुल 49,829 वोट, यानी सिर्फ 0.46% वोट शेयर मिला।

इसके बावजूद AAP ने 42 वार्ड जीते।

यानी 0.46% वोट के मुकाबले करीब 0.41% वार्ड उसके खाते में आए।

आसान भाषा में कहें तो AAP का वोट शेयर छोटा रहा, लेकिन जहां उसके उम्मीदवार मजबूत रहे, वहां वह वोटों को वार्ड जीत में बदलने में सफल रही।

हालांकि वोट शेयर के अनुपात में AAP को बहुत ज्यादा सीटों का फायदा नहीं मिला—उसके वोट शेयर के हिसाब से 10,235 घोषित वार्डों में करीब 47 वार्ड बनते, जबकि उसे 42 मिले।

RLP को AAP से लगभग दोगुना वोट, लेकिन सिर्फ 21 सीट ज्यादा

दूसरी तरफ हनुमान बेनीवाल की RLP को 1,00,277 वोट यानी 0.94% वोट मिले। AAP को 49,829 यानी 0.46% वोट मिले। फिर भी सीटों में अंतर बहुत बड़ा नहीं है।

RLP: 63 वार्ड

AAP: 42 वार्ड

यानी RLP को AAP से करीब 50 हजार ज्यादा वोट मिले, लेकिन वार्ड सिर्फ 21 ज्यादा मिले। ये फिर बताता है कि निकाय चुनाव में सिर्फ राज्यव्यापी वोट शेयर से सीटों का अनुमान लगाना मुश्किल है। स्थानीय उम्मीदवार, वार्ड स्तर का संगठन और वोटों का भौगोलिक वितरण बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है।

NOTA से भी कम वोट कई पार्टियों को

NOTA को 1,09,523 वोट मिले। वहीं—

RLP: 1,00,277

AAP: 49,829

CPIM: 34,170

BSP: 30,179

BAP: 14,150 वोट मिले

यानी RLP समेत पांच पार्टियों को NOTA से कम वोट मिले। हालांकि NOTA को कोई वार्ड नहीं मिलता, इसलिए इसे राजनीतिक दल की तरह सीटों से सीधे तुलना करना उचित नहीं है। फिर भी यह बताता है कि कई छोटे दलों का कुल वोट बेस अभी काफी सीमित है।

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