‘BJP से पैसे नहीं मिलते’, शहजाद पूनावाला ने बताया क्यों छोड़ी पार्टी

Shehzad Poonawalla: भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला के BJP छोड़ने के फैसले के पीछे अब पूरी तस्वीर सामने आने लगी है। पार्टी से इस्तीफा देने के बाद एक टीवी चैनल की डिबेट में पूनावाला ने कहा कि राजनीति में पूरी तरह सक्रिय रहने के दौरान उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई और अब उनके लिए वापस नौकरी करना जरूरी हो गया है।
पूनावाला ने साफ कहा कि राजनीतिक दल अपने प्रवक्ताओं को नियमित वेतन नहीं देते। उन्होंने अपनी स्थिति समझाते हुए कहा कि उन्हें किराया और दूसरे निजी खर्च भी पूरे करने हैं। ऐसे में उनके सामने एक समय नौकरी या राजनीति में से किसी एक को चुनने की स्थिति आ गई है।
मेरे पास पैसे खत्म हो गए- शहजाद पूनावाला
टाइम्स नाउ नवभारत चैनल की एक डिबेट में शामिल हुए पूनावाला से जब एंकर ने सवाल किया कि उन्होंने बीजेपी क्यों छोड़ी तो उन्होंने कहा कि वो भी पहले टीवी जर्नलिस्ट थे, उसके बाद राजनीति में आए, 10 साल कांग्रेस में रहे और फिर 5 साल बीजेपी में। बीजेपी ने उन्हें सब कुछ दिया है। किसी पसमांदा मुसलमान को कोई भी राजनीतिक पार्टी पहले ही दिन इतना बड़ा पद नहीं देती जो, बीजेपी ने दिया। वो तो मेरे पास पैसे खत्म हो गए हैं तो नौकरी करना जरूरी हो गया है।
इस पर एंकर ने पूछा कि बीजेपी आपको पैसे नहीं देती क्या, तो पूनावाला ने कहा कि राजनीतिक दल अपने कार्यकर्ताओं या प्रवक्ताओं को वेतन नहीं देते।
उन्होंने कहा कि बिना पैसे के 24/7, 365 दिन राजनीति करना मुश्किल है। उन्होंने बताया कि वो 2024 से ही BJP छोड़कर नौकरी में लौटने के विकल्प पर विचार कर रहे थे।
BJP में थे टीवी डिबेट का बड़ा चेहरा
गौरतलब है कि शहजाद पूनावाला BJP के उन चेहरों में शामिल रहे जो लगातार टीवी डिबेट्स और मीडिया कार्यक्रमों में पार्टी का जोरदार तरीके से पक्ष रखते थे। 2021 में BJP में शामिल होने के बाद वह पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता बने और टीवी पर पार्टी का बचाव करने वाले प्रमुख चेहरों में गिने जाने लगे।
ऐसे में उनका यह कहना कि प्रवक्ता को वेतन नहीं मिलता और राजनीति में पूर्णकालिक सक्रिय रहने के बावजूद निजी आर्थिक जिम्मेदारियां निभाना मुश्किल हो रहा था, राजनीतिक दलों के संगठनात्मक ढांचे पर भी सवाल खड़ा करता है।
दिलचस्प बात यह है कि BJP छोड़ते समय भी पूनावाला ने पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कोई सीधा राजनीतिक हमला नहीं किया। अपने इस्तीफे में उन्होंने कहा कि वे आर्थिक और निजी परिस्थितियों के कारण प्राइवेट सेक्टर में जाएंगे, लेकिन जहां संभव होगा वहां प्रधानमंत्री मोदी और BJP के विजन और काम का समर्थन जारी रखेंगे।
कांग्रेस में वापसी के सवाल पर भी दिया जवाब
BJP से इस्तीफे के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या पूनावाला वापस कांग्रेस में जाएंगे। पूनावाला 2017 में कांग्रेस छोड़कर BJP में आए थे। एक इंटरव्यू में उन्होंने कांग्रेस में लौटने की संभावना को एक शर्त से जोड़ते हुए कहा कि अगर कांग्रेस नेतृत्व में राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को हटाया जाए और कुछ दूसरी शर्तें पूरी हों, तभी वो वापसी पर विचार करेंगे।
पूनावाला ने बताया कि उन्होंने पहली बार 30 जुलाई 2026 को BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को इस्तीफा सौंपा था। पार्टी ने उन्हें अपने फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा। इसके बाद उन्होंने दोबारा विचार किया, लेकिन आखिर में अपने फैसले पर कायम रहे और अगस्त में इस्तीफा सार्वजनिक किया।
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