“पानी किन शर्तों पर आया, पहले वो बताओ” यमुना जल पर CM पर गहलोत का पलटवार

Ashok Gehlot: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत यमुना जल समझौते पर भजनलाल सरकार पर कई सवाल उठा रहे हैं। उनकी मांग है कि जनता के सामने ये रखा जाए कि राजस्थान से हरियाणा का समझौता किन शर्तों पर हुआ है। उन्होंने कहा कि नीम का थाना तक पानी ले आओ मैं आपका माला पहना कर स्वागत करूंगा। इसके अलावा अशोक गहलोत ने जोधपुर में नाबालिग बच्ची से होटलों में ले जाकर देह व्यापार कराने को मजबूर करने और रेप के मामले पर भी सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। साथ ही जगन गुर्जर की मौत मामले पर कहा कि जेलों क्या कहने के लिए ही हाईसिक्योरिटी रह गई हैं। इतनी सुरक्षा से लैस जेल में भी ये घटना कैसे हुई।
नीम का थाना तक पानी ले आएं तो स्वागत करूंगा
जयपुर में कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में मीडिया से कहा कि राजस्थान और हरियाणा के बीच यमुना जल विवाद 1994 से चल रहा है, जब से ये समझौता हुआ था। मैं चाहूंगा पानी ला पानी आ जाए तो हम बहुत स्वागत करेंगे। मैंने पहले ही नीम के थाने में कहा था क्योंकि मुख्यमंत्री जी ने नीम के थाने की बात नहीं करी, कि हम सभी के लिए पानी लेके आएंगे। मैंने कहा पानी आएगा तो मैं खुद मुख्यमंत्री निवास में जाकर स्वागत करूंगा।
गहलोत ने कहा कि इस पर अब ये जो बयानबाजी हो रही है उस मैं नहीं पड़ना चाहता। मैं चाहता हूं पानी आए। इंप्लीमेंट हो जो भी MoA हो, इंप्लीमेंट हो पानी आ जाए। तो मुझे ही नहीं पूरे प्रदेशवासियों को और पूरे शेखावटी लोगों को बड़ी खुशी होगी।
“पंजाब का पानी भी ले आएं फिर”
गहलोत ने सवाल किया कि जिस प्रकार अमित शाह और ये पूरा बता रहे हैं कि हमने बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। बड़े-बड़े विज्ञापन आ रहे हैं। न्यूज़ आ रही है। अब ये इंप्लीमेंट होना जरूरी है मेरी दृष्टि के अंदर। इसे मुबारक मौका अगर वो मानते हैं इसको तो मैं उनको एक और बात का सुझाव देना चाहूंगा। बड़ी मात्रा में पानी हमारा बकाया है पंजाब के अंदर। राजीव गांधी के दौर में ये समझौता हुआ था। पंजाब ने हमें हमारे हिस्से पानी ही नहीं दिया।
हम लोगों ने प्रयास किया हम कामयाब नहीं हो पाए थे। सरकार हमारी थी या बीजेपी की थी। मैं चाहूंगा कि यह जो है भजन लाल शर्मा को चाहिए उस पर ही मामला उठाए।
इस पर अब वो अमित शाह से बात करें। अमित शाह पूरा इंटरेस्ट लें। अगर पानी मिल जाए तो वो भी तो राजस्थान में इंदिरा गांधी और गंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, जैसलमेर वो सबको लाभ मिलेगा। क्योंकि जब कभी नहर बंदी होती है तो ध्यान देते नहीं है। पानी कम आता है। हमारे किसान दुखी होते हैं। चाहे वो गंज कैनाल हो, भाखड़ा हो या चाहे वो इंदिरा गांधी कैनाल हो। अभी पानी की जो बंदी हुई थी हर साल बंदी होती है। जोधपुर तक पानी लोग अभी तक तरसते हैं। ये इंतजाम करते नहीं ढंग से कोऑर्डिनेटिंग करते हैं। बंदी खुलने के बाद भी पानी नहीं आता है।
“लॉ एंड ऑर्डर ध्व्सत हो चुका”
गहलोत ने कहा कि प्रदेश के कई जिलों में लड़कियों के किडनैप हो रहे हैं। लड़कियों को किडनैप करके वही होटलों में छोटी बड़ी होटलों में उनको बेच देते हैं। उनका रेप होता है। ये कब तक बर्दाश्त करेगा हनुमानगढ़ और गंगानगर।
जगन गुर्जर की हत्या पर गहलोत ने कहा कि इस सरकार में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति भयावह है। कहीं ङी हत्याएं हो रही हैं। जेल के अंदर हो, बाहर हो, सड़क पर हो ये दुर्भाग्यपूर्ण है। पहले बीकानेर में घटना हुई थी। हथियार पहुंच जाते हैं। मोबाइल पहुंच जाते हैं जेलों के अंदर। तो ये बातें तो चाक चौबंदन करना पड़ेगा सरकार को ही कि जेलों में ऐसी स्थिति नहीं बने।
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