ना पानी, ना डॉक्टर ना सुशासन...गहलोत की भजनलाल सरकार पर करारा प्रहार, पूछा- कहां है विकास

Ashok Gehlot: प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इन दिनों बीजेपी सरकार पर हमलावर हैं। एक के बाद एक अशोक गहलोत भजनलाल सरकार को कटघरे में खड़ा कर जनता के सवाल पूछ रहे हैं और बोल रहे हैं कि बताएं कि कहां है विकास। अशोक गहलोत ने ना सिर्फ सीएम काफिले के दौरान जलाई गई महिला का मुद्दा उठाया बल्कि राइजिंग राजस्थान और SMS अस्पताल की बदहाली पर भी सवाल उठाए हैं।
‘रद्द होने की कगार पर MoU’
प्रदेश सरकार के इंवेस्टर्स समिट ‘राइजिंग राजस्थान’ को लेकर गहलोत ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने 'राइजिंग राजस्थान' के नाम पर सिर्फ इवेंटबाजी की। यहां तक कि गृह मंत्री अमित शाह से भी बड़े-बड़े दावे करवाए गए, लेकिन हकीकत यह है कि 83% निवेश परियोजनाएं आज भी लंबित हैं और कई MoU रद्द होने की कगार पर हैं।
गहलोत ने कहा कि सरकार का आधा कार्यकाल बीतने को है, लेकिन धरातल पर काम कोसों दूर है। हमारी मांग है कि राज्य सरकार 'राइजिंग राजस्थान' की वास्तविक स्थिति पर तुरंत 'श्वेत पत्र' यानी White Paper जारी करे और प्रदेशवासियों को सच बताए कि क्या 20% MoU भी पूरे होने की स्थिति में हैं? गहलोत ने ये बयान एक मीडिया रिपोर्ट पर दिया है जिसमें ये कहा गया कि इस समिट में 22 हजार से ज्यादा MoU हुए लेकिन 83 प्रतिशत परियोजनाओं पर काम ही नहीं शुरू हुआ है।
‘SMS में इतनी बदहाली, मरीजों का एक-एक दिन कीमती’
वहीं जयपुर में प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल SMS में किडनी मरीजों के इलाज में आ रही मुश्किलों के मामले में गहलोत ने कहा कि जयपुर के सबसे बड़े SMS अस्पताल की ये खबर बेहद विचलित करने वाली और दुर्भाग्यपूर्ण है। नेफ्रोलॉजी यूनिट के हेड के रिटायर होने के बाद एक महीने से कमरे पर ताला लटका है, जिसके कारण किडनी ट्रांसप्लांट की 11 मरीजों की फाइलें अंदर कैद हैं।
गहलोत ने कहा कि मरीज जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं, डायलिसिस के कारण उनका वजन लगातार घट रहा है, लेकिन संवेदनहीन अस्पताल प्रशासन एक ताला तक नहीं खोल पा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं को इस तरह लावारिस छोड़ना मरीजों के जीवन के साथ सरेआम खिलवाड़ है।
गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर से मांग है कि इस मामले में तुरंत दखल देकर ताला खुलवाया जाए, मरीजों का ट्रांसप्लांट सुनिश्चित किया जाए। साथ ही लापरवाही के जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो। मरीजों का एक-एक दिन कीमती है।
सरकार का ऐसा कुप्रबंधन इतिहास में नहीं देखा
अशोक गहलोत यहीं नहीं रुके। उन्होंने निशाना साधते हुए कहा कि ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि राजस्थान में विकास ठप है और ठेकेदारों को अपने ही भुगतान के लिए अखबारों में विज्ञापन देने पड़ रहे हैं। प्रदेश के इतिहास में ऐसा वित्तीय कुप्रबंधन पहले कभी नहीं देखा गया।
भुगतान अटकने से सड़कों और पेयजल जैसी जरूरी योजनाएं अधर में हैं और हजारों श्रमिकों की आजीविका पर संकट है। मुख्यमंत्री इसे तुरंत संज्ञान लें और लंबित भुगतान सुनिश्चित करें ताकि प्रदेश का विकास ना रुके।
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