बीजेपी के लिए काम और बदले में 500 किमी दूर ट्रांसफर मिला, सोशल मीडिया पर फूटा हेडमास्टर का दर्द, मंत्री के बेटे का रद्द तबादला

राजस्थान में 10 जुलाई को बीजेपी सरकार ने ट्रांसफर बंद कर दिए। कई शिक्षकों, अधिकारियों के ट्रांसफर हो गए। लेकिन अब इन तबादलों को लेकर सोशल मीडिया पर विरोध देखा जा रहा है। खुद को बीजेपी और RSS का कार्यकर्ता बताने वाले एक शिक्षक (हेडमास्टर) का गुस्सा फूट पड़ा है। उन्होंने लिखा कि स्थिति ऐसी हो गई है कि अब मैं वीआरएस लेने की सोच रहा हूं।
ओमवीर पेलावत (59) जो धौलपुर में एक सरकारी स्कूल में हेडमास्टर हैं, उनका तबादला 500 किमी दूर झालावाड़ में किया गया है। इसी पर वो नाराज हुए हैं।
X पर उन्होंने लिखा कि “मेरे पिता जी भारतीय जनता पार्टी के इमानदार कार्यकर्ता रहे हैं इस बात को स्म्माननीया वसुंधरा राजे जी जानती है।मैं भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का द्वितीय वर्ष शिक्षित कार्यकर्ता हूं। मैंने भी अनेकों बार भाजपा का जिला प्रमुख और प्रधान बनाने में अहम भूमिका निभाई है।“
उन्होंने आगे लिखा कि “लेकिन आज पहली बार मुझे जरुरत पड़ी कि गलती से मैंने प्रमोशन स्वीकार कर लिया और मुझे 59 साल की उम्र में 500 किलोमीटर दूर झालावाड़ भेज दिया। दुर्भाग्य ये रहा कि मेरा रिक्त स्थान पर भी ट्रांसफर नहीं किया। खैर मैं तो बीआरएस ले लूंगा। लेकिन शिक्षा मंत्री, आपकी जिद्द बीजेपी को लेकर डूबेगी।“
कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत के बेटे का रद्द ट्रांसफर
दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर 9 जुलाई को कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत के बेटे दीपक कुमावत का पंचायत समिति सुमेरपुर में सहायक प्रोग्रामर के तौर पर जालोर ट्रांसफर किया गया था। लेकिन 10 जुलाई को ही उनके ट्रांसफर आदेश को रद्द कर दिया गया।
इस पर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी है कि तबादलों में कितनी अनियमितताएं हुई हैं, ये सब पता चल रहा है। मंत्री का बेटा है तो तबादला तो रद्द होगा ही, सिर्फ आम लोगों को उनके घर-परिवार से सैकड़ों किमी दूर डाला जा रहा है। क्योंकि उनकी किसी ने अनुशंसा नहीं की।
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