क्या किसी साजिश का हिस्सा था काफिले में गाड़ी घुसाना या फिर ये महज हादसा? बेनीवाल ने किसकी तरफ किया इशारा

Hanuman Beniwal: राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के काफिले में एक कार का घुसना और फिर RLP कार्यकर्ताओं के उस पर तोड़फोड़ मचाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बाड़मेर दौरे के दौरान हुई इस घटना ने प्रदेश में एक बहस छेड़ दी है। एक पक्ष का कहना है कि बेनीवाल की सुरक्षा में बड़ी चूक हुई है ये किसी साजिश का हिस्सा था तो वहीं दूसरे पक्ष का कहना है कि कहीं ये RLP समर्थकों की ही लिखी हुई स्क्रिप्ट तो नहीं थी। वहीं साजिश की आशंका को बेनीवाल के बयान ने भी और हवा दे दी, जिसमें उन्होंने इस घटना के पीछे सियासी साजिश का हिंट दिया।
क्या था पूरा मामला?
दरअसल बाड़मेर के शिव विधानसभा क्षेत्र जहां से रविंद्र सिंह भाटी विधायक हैं, वहां के सीमावर्ती इलाकों के दौरे के दौरान बेनीवाल के काफिले पर कथित तौर पर हमला करने का दावा किया गया। बेनीवाल के समर्थकों का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने पूरी साजिश रचकर बेनीवाल की गाड़ी को टक्कर मारने की कोशिश की। एक इनोवा गाड़ी में सवार कुछ रसूखदार और नशे में धुत युवाओं ने बेनीवाल के काफिले के आगे अपनी गाड़ी लहराई, स्टंट किए और एक-दो बार नहीं, बल्कि पूरे 3 बार सांसद की गाड़ी को हिट करने की कोशिश की। इस गाड़ी पर बेनीवाल के समर्थकों ने भी जबरदस्त तोड़-फोड़ मचाई। इधर काफिले में गाड़ी घुसाने वाले ड्राइवर ने कहा कि गलती से गाड़ी काफिले में चली गई थी लेकिन RLP के कार्यकर्ताओं ने उसकी गाड़ी की बुरी हालत कर दी।
“मेरे यहां आने पर कुछ लोगों के पेट में दर्द”
इसके बाद बाड़मेर में सर्वधर्म प्रार्थना सभा में पहुंचने के बाद बेनीवाल ने मंच पर दिए अपने भाषण में इस घटना का भी जिक्र किया। बेनीवाल ने कहा कि कुछ लोगों के पेट में ये भी दर्द है कि ये बेनीवाल यहां क्यों घूम रहा है। तो, जिसके पेट में दर्द है वो दवाई ले ले, उसका इलाज हो जाएगा।
अब सोचने वाली बात ये है कि बेनीवाल का ये तीखा इशारा आखिर किस तरफ था? क्या उनका निशाना BJP की तरफ था, या फिर उनका इशारा शिव के निर्दलीय विधायक रवींद्र सिंह भाटी की तरफ था?
सियासी जानकारों का कहना है कि बाड़मेर-जैसलमेर की इस धरती पर हनुमान बेनीवाल और रवींद्र सिंह भाटी, दोनों ही युवाओं के बड़े चेहरे हैं। शिव विधानसभा क्षेत्र को रवींद्र सिंह भाटी का मजबूत गढ़ माना जाता है, हालांकि, इस घटना को उनसे जोड़ना जल्दबाजी होगी।
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