CJP फाउंडर दीपके थप्पड़कांड मामले में 5 लोगों को मिली बेल, आरोपियों में एक तो CJP का ही कार्यकर्ता

जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में सोमवार को हुए एक प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ हुई मारपीट और थप्पड़कांड ने सियासी रंग ले लिया है। शहीद स्मारक पर आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ युवकों ने मंच की तरफ जा रहे दीपके पर हमला कर दिया, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने मामले में पांच युवकों को गिरफ्तार किया जिन्हें अब बेल मिल गई।
इन पांचों आरोपियों को शांतिभंग के आरोपों में धरा गया था। इनका नाम रोहित शर्मा, राकेश गुर्जर, अजय शर्मा, कुलदीप सिंह शेखावत है। ये चारों दोस्त है। जोधपुर का निकेत जो कि CJP का कार्यकर्ता था उसके साथ ही इन चारों का झगड़ा इस बात हुआ क्योंकि इनकी विचारधारा नहीं मिल रही थी।
भाजपा कनेक्शन के दावे से बढ़ा विवाद
घटना के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गए हैं। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि गिरफ्तार युवकों में से एक स्थानीय भाजपा नेता का भाई है। वहीं CJP की तरफ से इस हमले को सुनियोजित राजनीतिक साजिश बताया गया है। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी राजनीतिक संगठन की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है।
दीपके बोले- हम नहीं हटेंगे पीछे
हमले के बाद अभिजीत दीपके ने अपने समर्थकों से शांत रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा और इस तरह की घटनाएं उनकी आवाज को दबा नहीं सकतीं। दिपके ने शिक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष जारी रखने की बात कही।
कंधों पर बैठाकर ले जा रहे थे समर्थक, तभी हुआ हमला
जानकारी के अनुसार अभिजीत दीपके जयपुर के शहीद स्मारक पर आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान समर्थक उन्हें कंधों पर बैठाकर मंच तक ले जा रहे थे। आरोप है कि तभी कुछ युवक भीड़ में पहुंचे और दीपके को थप्पड़ मार दिए। इसके बाद CJP कार्यकर्ताओं और आरोपियों के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई शुरू हो गई। पुलिस ने किसी तरह हालातों का काबू किया।
NEET और बेरोजगारी के मुद्दे पर हो रहा था प्रदर्शन
बताया जा रहा है कि ये प्रदर्शन कथित परीक्षा अनियमितताओं, NEET विवाद और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर आयोजित किया गया था। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए थे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई जा रही थी।
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