Panchayat Election: कांग्रेस नेता संयम लोढ़ा खड़ी करेंगे बीजेपी सरकार के लिए बड़ी परेशानी, नोटिस भेज कर मांगा जवाब

Rajasthan Panchayat Elections: आज गुरुवार को 2 जुलाई है। यानी जुलाई महीने का दूसरा दिन। राजस्थान हाईकोर्ट की दी डेडलाइन के मुताबिक पंचायत चुनाव के अल्टीमेटम में सिर्फ 29 दिन बाकी हैं। लेकिन अभी तक बीजेपी सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से चुनाव को लेकर कोई बड़ा कदम नहीं उठाया है ना ही ऐसी कोई सुगबुगाहट है। ऐसे में कांग्रेस नेता संयम लोढ़ा ने अब कानूनी हथकंडा अपनाया है। उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त राजेश्वर सिंह, सचिव राजेश वर्मा, पंचायती राज विभाग के सचिव और स्थानीय निकाय निदेशक को कानूनी नोटिस भेजा है और इस संबंध में जवाब मांगा है। संयम लोढ़ा की तरफ से अधिवक्ता पुनीत सिंघवी ने ये नोटिस दिया है।
कोर्ट की अवमानना कर रहा आयोग और सरकार- संयम लोढ़ा
संयम लोढ़ा ने इससे पहले बीजेपी नेता और राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी के एक बयान पर आपत्ति जताई थी। जिसमें चतुर्वेदी ने कहा था कि पंचायत चुनाव अक्टूबर से दिसंबर के बीच होंगे। इस पर संयम लोढ़ा ने इसे कोर्ट की अवमानना बताया था।
पिछली बार सरकार ने ओबीसी आयोग की रिपोर्ट का हवाला देकर चुनाव की तारीख आगे खिसकाने का कोर्ट से निवेदन किया था। ध्यान देने वाली बात ये भी है कि 30 अप्रैल की डेडलाइन पर राज्य चुनाव आयोग ने पंचायती राज विभाग को एक लेटर लिखा था जिसमें ये कहा गया था कि अगर ओबीसी आयोग की रिपोर्ट आने में देरी हो रही है, तो इसके बगैर भी चुनाव कराए जा सकते हैं। ओबीसी को सामान्य सीट मानकर फिर चुनाव कराने होंगे और ये असंवैधानिक भी नहीं होगा। लेकिन सरकार इस पर भी राजी नहीं हुई।
ओबीसी आयोग का क्या है हाल?
ओबीसी आयोग ने पिछले महीने हाईकोर्ट में कहा था कि ओबीसी आरक्षण की जो रिपोर्ट सरकार की तरफ दी गई है, उसमें कई खामिया हैं। ऐसे में पूरी रिपोर्ट ठीक करने और पूरी करने में सितंबर तक का टाइम लग सकता है। ऐसे में चुनाव 30 अप्रैल तक नहीं हो पाएंगे। इसके बाद कोर्ट ने तारीख बढ़ाई लेकिन 30 जुलाई तक हर हाल में चुनाव कराने को कहा। साथ ही सरकार को आदेश दिया कि आयोग की रिपोर्ट पूरी करने में सही डेटा उपलब्ध कराएं।
इसे लेकर अब ओबीसी आयोग 8 जुलाई से सर्वे कराना शुरू करेगा। कहा जा रहा है कि ओबीसी परिवारों के डेटा के ये सर्वे 20 जुलाई तक पूरा हो जाएगा। इधर ओबीसी आयोग की संयुक्त सचिव अंजू पारीक ने ओबीसी आयोग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के अध्यक्ष, सदस्य सचिव और सदस्यों के मानदेय के लिए बजट जारी नहीं किया है।
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