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डूंगरपुर के स्कूल की जर्जर छत गिरी, बाल-बाल बचे 120 मासूम बच्चे, डोटासरा ने सरकार पर साधा निशाना

डूंगरपुर के स्कूल की जर्जर छत गिरी, बाल-बाल बचे 120 मासूम बच्चे, डोटासरा ने सरकार पर साधा निशाना
राजस्थान
25 Aug 2026, 02:51 pm
रिपोर्टर : Jyoti Sharma

डूंगरपुर: राजस्थान के डूंगरपुर जिले के दोवड़ा ब्लॉक की सत्तु ग्राम पंचायत स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में जर्जर कमरे की छत का एक हिस्सा भरभराकर गिर गया। हादसे के वक्त स्कूल में करीब 120 बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। गनीमत रही कि जिस कमरे की छत गिरी, उसे पहले ही असुरक्षित घोषित कर करीब एक साल से बंद रखा गया था। इसके चलते कोई बच्चा या शिक्षक इसकी चपेट में नहीं आया।

तेज आवाज से मची अफरा-तफरी

बीते सोमवार को स्कूल में नियमित रूप से कक्षाएं चल रही थीं। इसी दौरान जर्जर कमरे की छत गिरने से तेज आवाज हुई। आवाज सुनकर बच्चे और शिक्षक घबराकर कक्षाओं से बाहर निकल आए। बाद में पता चला कि स्कूल के दो कमरे पहले से जर्जर हालत में थे और उनका इस्तेमाल बंद कर दिया गया था।

स्कूल में कुल 10 कमरे बताए गए हैं, जिनमें से दो को असुरक्षित घोषित किया गया था। अधिकारियों के मुताबिक, एक जर्जर कमरे की छत का हिस्सा गिरा है, जबकि दूसरा कमरा भी खराब स्थिति में है। इन कमरों की मरम्मत और नई छत के लिए प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं।

स्कूल भवनों की सुरक्षा पर फिर सवाल

हादसे के बाद सरकारी स्कूलों के जर्जर भवनों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। खास तौर पर पिछले साल झालावाड़ के स्कूल हादसे के बाद प्रदेश में जर्जर स्कूल भवनों को लेकर सुरक्षा के दावे किए गए थे। इसके बावजूद डूंगरपुर में स्कूल की जर्जर छत गिरने की घटना सामने आई है। हालांकि इस मामले में समय रहते जर्जर कमरे को बंद कर दिए जाने से बड़ा हादसा टल गया।

डोटासरा ने सरकार पर साधा निशाना

घटना को लेकर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी राजस्थान सरकार पर निशाना साधा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को टैग करते हुए डोटासरा ने सवाल किया कि सरकारी स्कूलों की छतें कब तक गिरती रहेंगी? कब तक मासूमों की जान खतरे में रहेगी? मरम्मत और जिम्मेदारी कब तय होगी? अगर सरकार के अपने सर्वे में कोई सरकारी स्कूल का भवन जर्जर और असुरक्षित श्रेणी में चिन्हित है, तो फिर वहां मासूम बच्चों को बैठाकर पढ़ाने की अनुमति आखिर किसकी जवाबदेही है? डोटासरा ने पूछा कि झालावाड़ में हुए हादसे के बाद भी अगर जर्जर स्कूलों की मरम्मत नहीं हुई, तो भाजपा सरकार किस हादसे का इंतजार कर रही है?

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