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अब स्कूलों के 50 मीटर के दायरे पर नहीं बिकेगा जंक फूड, भीतर भी बंद होंगी कैंटीन, राजस्थान हाईकोर्ट का आदेश

अब स्कूलों के 50 मीटर के दायरे पर नहीं बिकेगा जंक फूड, भीतर भी बंद होंगी कैंटीन, राजस्थान हाईकोर्ट का आदेश
राजस्थान
25 Aug 2026, 02:19 pm
रिपोर्टर : Jyoti Sharma

जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने बच्चों की सेहत और स्कूली माहौल को लेकर अहम निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने स्कूल कैंटीन के साथ-साथ स्कूल के गेट से 50 मीटर के दायरे में हाई फैट, हाई शुगर और हाई सॉल्ट (HFSS) वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। इनमें कार्बोनेटेड ड्रिंक, चिप्स, ट्रांस फैट वाले बेकरी प्रोडक्ट और दूसरे जंक फूड शामिल हैं।

ये मामला राजस्थान हाईकोर्ट की उस पहल का हिस्सा है जिसमें कोर्ट ने बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं और नई पीढ़ी के सामने खड़ी चुनौतियों से जुड़े मुद्दों पर स्वतः संज्ञान लिया है।

स्कूलों में बनेगी Food Safety and Nutrition Committee

हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि हर स्कूल चार सप्ताह के भीतर School Food Safety and Nutrition Committee का गठन करे। इसमें शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। समिति से जुड़ी जानकारी शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

कोर्ट ने स्कूल कैंटीन में मेन्यू बोर्ड लगाना भी अनिवार्य किया है। 8 सप्ताह के भीतर लगाए जाने वाले इस बोर्ड पर खाने की कैलोरी, सामग्री और पोषण संबंधी जानकारी देनी होगी। साथ ही ट्रैफिक-लाइट लेबलिंग सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

DM और शिक्षा अधिकारियों को करनी होगी जांच

जंक फूड पर रोक सिर्फ कागजों तक सीमित ना रहे, इसके लिए कोर्ट ने जिला मजिस्ट्रेट और ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को हर महीने निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। स्कूलों में खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की शिकायतों के लिए अलग पोर्टल और हेल्पलाइन बनाने की दिशा में भी निर्देश दिए गए हैं।

कोर्ट ने केंद्र और राजस्थान सरकार से Food Safety and Standards (Safe Food and Balanced Diets for Children in School) Regulations, 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जवाब भी मांगा है। सरकार को इन नियमों के पालन के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देने को कहा गया है।

मिड-डे मील और पोषण योजनाओं पर भी जोर

हाईकोर्ट ने स्कूलों में मिलने वाले मिड-डे मील और दूसरी पोषण योजनाओं को निर्धारित संतुलित आहार मानकों के अनुरूप रखने के निर्देश दिए हैं। यानी अदालत का फोकस सिर्फ जंक फूड हटाने पर नहीं, बल्कि बच्चों को स्कूल में सुरक्षित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने पर भी है।

दरअसल, FSSAI का Eat Right School कार्यक्रम भी स्कूलों में सुरक्षित, पौष्टिक और संतुलित भोजन की आदत विकसित करने पर केंद्रित है। FSSAI के मुताबिक इस पहल का उद्देश्य बच्चों में food safety, nutrition और hygiene को लेकर जागरूकता बढ़ाना है।

क्यों अहम है हाईकोर्ट का यह आदेश?

स्कूलों के आसपास चिप्स, सॉफ्ट ड्रिंक, पैकेज्ड स्नैक्स और दूसरे HFSS खाद्य पदार्थों (ऐसे प्रोसस्ड या पैकेटबंद प्रोडक्ट होते हैं जिनमें सैचुरेटेड फैट, अतिरिक्त शुगर या सोडियम की अधिकता) आसानी से उपलब्धता बच्चों की खान-पान की आदतों को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में हाईकोर्ट का आदेश स्कूल कैंटीन के साथ-साथ स्कूल के बाहर 50 मीटर के दायरे में भी बिक्री पर रोक लगाकर दायरा बढ़ाता है।

अब इस आदेश के अमल की जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन के साथ जिला और शिक्षा अधिकारियों पर होगी। कोर्ट ने ग्रामीण और दूरदराज के स्कूलों में भी औचक निरीक्षण और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति की निगरानी के निर्देश दिए हैं।

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