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किरोड़ी के लेटर बम पर डोटासरा का करारा जवाब, रिश्तेदारों के RAS में फर्जीवाड़े के आरोपों पर क्या बोले PCC चीफ

किरोड़ी के लेटर बम पर डोटासरा का करारा जवाब, रिश्तेदारों के RAS में फर्जीवाड़े के आरोपों पर क्या बोले PCC चीफ
राजस्थान
24 Jun 2026, 01:08 pm
रिपोर्टर : Jyoti Sharma

Govind Singh Dotasra on Kirodi Lal Meena: राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा और पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा के बीच सियासी लड़ाई फिर राजनीति के केंद्र में आ गई है। किरोड़ी लाल मीणा ने अब डोटासरा के रिश्तेदारों के RAS बनने के पीछे फर्जीवाड़ा के आरोपों का जो लेटर सीएम भजनलाल को भेजा था, उस पर अब गोविंद सिंह डोटासरा ने जवाब दिया है।

'सत्य ढकने चले.. जिनके चेहरे दागी'

गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया पर एक खबर को शेयर किय़ा है जिसमें ये खबर छपी है कि डोटासरा के रिश्तेदारों पर जो ओबीसी प्रमाणपत्रों के फर्जी होने का आरोप लगा है वो गलत है। कोर्ट ने ओबीसी प्रमाणपत्रों पर मुहर भी लगाई है कि ये जांच में सही पाए गए हैं। गोविंद सिंह डोटासरा ने इस खबर पर लिखा कि “कालिख लेकर चल पड़े, मुट्ठी भर अनुरागी, सत्य को ढकने चले, चेहरे जिनके दागी”।

जांच में सही पाए गए थे ओबीसी प्रमाणपत्र

दरअसल कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने जो आरोप कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के रिश्तेदारों के ओबीसी प्रमाण-पत्रों को फर्जी बताने का आरोप लगाया था उनकी कई बार जांच हो चुकी है, जिनमें ये सही पाए गए। इतना ही नहीं, कोर्ट भी इस पर मुहर लगा चुका है। कार्मिक विभाग के मुताबिक डोटासरा के समधी रमेशचंद पूनिया और उनकी पत्नी कमला देवी की सीधी भर्ती से पहली नियुक्ति थर्ड ग्रेड टीचर के तौर पर हुई थी।

नियमों के मुताबिक ये पद ग्रुप-1 या ग्रुप-2 का पद नहीं है। राज्य सरकार की तरफ से 2009 में जारी अधिसूचना के मुताबिक ओबीसी में क्रिमीलेयर के लिए जो पैरामीटर निर्धारित किए गए हैं उनमें सीधी भर्ती से ग्रुप-1 या ग्रुप-2 पर नियुक्त कार्मिकों पर ही लागू होते हैं। डोटासरा के समधी साल 2005 तक प्रधानाध्यापक के पद पर थे। इस पद का पे स्केल उस समय 7500-250-12000 था।

कार्मिक विभाग के 1999 के परिपत्र और 2021 के संशोधित परिपत्र के मुताबिक ये पे-स्केल और वेतनमान संख्या-12ए के पद ग्रुप-2 में आते हैं, जो क्रिमिलेयर श्रेणी में नहीं है।

सरकार की जारी अधिसूचना के आधार पर विभागीय जांच का ये नतीजा निकला कि रमेशचंद पूनिया और उनकी पत्नी कमला देवी क्रिमिलेयर में नहीं हैं और उनके बेटे-बेटियों के ओबीसी प्रमाण पत्र सही हैं। विभाग की इस जांच को कोर्ट भी सही बता चुका है।

लंबे समय से चल रहा किरोड़ी-डोटासरा में आरोप-प्रत्यारोप का दौर

गौरतलब है कि किरोड़ीलाल मीणा ने इन प्रमाण-पत्रों को फर्जी बताते हुए बीते सोमवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखा था। उन्होंने इस मामले में FIR दर्ज करवाने की मांग की थी। गौरतलब है कि किरोड़ी और डोटासरा के बीच नकली बीज मामले में ACB की कार्रवाई के बाद से ही लगातार आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है।

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