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क्या सच में अशोक गहलोत के पैरों में गिरे थे किरोड़ी लाल मीणा? आखिर क्या है डोटासरा के बयान का असली सच

क्या सच में अशोक गहलोत के पैरों में गिरे थे किरोड़ी लाल मीणा? आखिर क्या है डोटासरा के बयान का असली सच
राजस्थान
26 Jun 2026, 06:18 pm
रिपोर्टर : ज्योति शर्मा

Govind singh Dotasra: हाल ही में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने एक कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा को लेकर एक बड़ा दावा कर दिया था। डोटासरा ने कहा कि किरोड़ी लाल मीणा अपने पुराने मुकदमों से घबराकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पैरों में गिरकर रोने लगे थे।

इस बयान के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा, जिसमें अशोक गहलोत और किरोड़ी लाल मीणा साथ दिख रहे हैं। समर्थक और विरोधी इसे उसी 'पैरों में गिरने' वाले दावे से जोड़कर शेयर करने लगे। लेकिन क्या वाकई ऐसा कुछ हुआ था? आइए, इस पूरे सियासी विवाद का फैक्ट-चेक (Fact-Check) करते हैं।

घुटनों पर गिरने का दावा सरासर गलत

दरअसल जब हमने इस पूरे मामले की गहराई से पड़ताल की, तो सच कुछ और ही निकलकर सामने आया। आपको बता दूं कि इंटरनेट या किसी भी प्रामाणिक सरकारी और मीडिया रिकॉर्ड में ऐसी कोई घटना दर्ज नहीं है, जहां डॉ. किरोड़ी लाल मीणा पूर्व सीएम अशोक गहलोत के "पैरों में गिरे हों या रोए हों"। ये विशुद्ध रूप से एक राजनीतिक बयानबाजी है, जिसका हकीकत से कोई वास्ता नहीं है।

जो वीडियो सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे हैं, वे दरअसल पुरानी कांग्रेस सरकार के समय के हैं। डॉ. किरोड़ी लाल मीणा हमेशा से जमीन से जुड़े नेता रहे हैं। वे राजस्थान के युवाओं के लिए पेपर लीक मामले की जांच, बेरोजगारों के हक और शहीद वीरांगनाओं के धरने को लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिलने उनके आवास (CMR) पहुंचे थे। एक जनप्रतिनिधि के तौर पर हुई उन मुलाकातों के वीडियो को आज संदर्भ से बिल्कुल अलग करके गलत दावों के साथ वायरल किया जा रहा है।

सिर्फ मुख्यमंंत्री से मिले ना कि पैरों पर गिरे

किरोड़ी लाल मीणा ने हमेशा जनता के मुद्दों पर सड़कों पर उतरकर राजनीति की है। खुद उन्होंने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि वे एसी कमरों में बैठकर ट्विटर वाली राजनीति नहीं करते, बल्कि उनका पूरा जीवन किसानों और पीड़ितों के लिए लाठियां खाते बीता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह पूरा विवाद सिर्फ पुरानी सियासी खुन्नस और आपसी बयानबाजी का नतीजा है। सोशल मीडिया पर चल रहा वीडियो पूरी तरह भ्रामक है। डॉ. किरोड़ी लाल मीणा जनता की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने गए थे, न कि किसी व्यक्तिगत मामले में पैर पकड़ने। राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप चलते रहते हैं, लेकिन वायरल वीडियो के सहारे बनाया जा रहा नैरेटिव पूरी तरह बेबुनियाद है।

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