हनुमान बेनीवाल ने की भजनलाल सरकार को अल्टीमेटम, कार्यकर्ताओं को रिहा ना करना पड़ जाएगा महंगा?

CM Bhajan Lal Sharma and Hanuman Beniwal: “भजनलाल का जाना तय है, मैंने ऐसे ही नहीं कह दिया, मेरी बात में दम है।“ नागौर सांसद और RLP सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल के इस एक बयान ने तपते राजस्थान में सियासी पारे को उबाल पर ला दिया है। राजनीति के गलियारों में इस वक्त बस एक ही चर्चा है कि क्या वाकई राजस्थान की सत्ता में कोई बड़ा उलटफेर होने वाला है? या फिर यह सिर्फ एक सियासी पैंतरा है? हनुमान बेनीवाल अपने बेबाक और आक्रामक अंदाज के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इस बार उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की कुर्सी पर दावा ठोक दिया है। बेनीवाल का कहना है कि उनकी बातें हवा-हवाई नहीं होतीं, बल्कि उनके दावों के पीछे पुख्ता आधार और दम होता है। उनके इस बयान के बाद बीजेपी खेमे से लेकर कांग्रेस तक, हर तरफ कयासों का बाज़ार गर्म हो गया है।
बेनीवाल का शासन और प्रशासन पर आरोप
बेनीवाल इस वक्त सरकार की नीतियों और प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर आर-पार के मूड में हैं। डीडवाना-कुचामन में हुए एक हालिया विवाद को लेकर उनका गुस्सा सातवें आसमान पर है। दरअसल, वहां RLP के कार्यकर्ता बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष को लोकतांत्रिक तरीके से ज्ञापन देने और प्रदर्शन करने गए थे।
बेनीवाल का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन ने राजनीतिक दुर्भावना के तहत काम किया। कार्यकर्ताओं को पहले शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया और बाद में उन पर 'राजकार्य में बाधा डालने' जैसे गंभीर और झूठे मुकदमे दर्ज कर दिए गए।
'कार्यकर्ताओं पर इनाम पर घोषित क्यों किया'
इस मामले में सबसे ज़्यादा तीखी बहस कुचामन के जिला पुलिस अधीक्षक (SP) के कदम को लेकर हो रही है। बेनीवाल ने मुख्यमंत्री को याद दिलाते हुए कहा कि लोकतंत्र में असहमति जताना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसपी ने अपनी निष्पक्षता को ताक पर रखकर आरएलपी कार्यकर्ताओं को पकड़ने के लिए इनाम घोषित कर दिया, जैसे वे कोई नामी हिस्ट्रीशीटर या अपराधी हों।
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कार्यकर्ताओं से वापस लिए जाएं मुकदमे
बेनीवाल ने कहा कि "सत्ता के अहंकार में आकर जनता और विपक्ष की आवाज़ को मुकदमों, धमकियों या इनामों से दबाया नहीं जा सकता। RLP का कोई कार्यकर्ता इन गीदड़ों से डरने वाला नहीं है। इतिहास गवाह है कि जनता की आवाज़ के सामने बड़ी से बड़ी सत्ता को झुकना पड़ा है।"
RLP सुप्रीमो ने मांग की है कि कार्यकर्ताओं पर दर्ज सभी झूठे मुकदमे तुरंत वापस लिए जाएं। अब देखना दिलचस्प होगा कि बेनीवाल के इस 'खेला होने वाले' दावे और तीखे हमलों पर बीजेपी और खुद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की क्या प्रतिक्रिया आती है।
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