22 जून को जाट आरक्षण की विशाल रैली करने जा रहे बेनीवाल, राजस्थान के सबसे बड़े आंदोलन का दावा

Bharatpur Jaat Protest: राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल आने वाली 22 जून को भरतपुर यानी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृहनगर में जाटों के आरक्षण का प्रदर्शन करने वाले हैं। उन्होंने दावा किया है कि ये राजस्थान में उनका अब तक का सबसे बड़ा आंदोलन होगा।
केंद्र की OBC लिस्ट में शामिल होने को होगा आंदोलन
बेनीवाल का कहना है कि इस महापड़ाव का मुख्य उद्देश्य भरतपुर और धौलपुर के जाटों को केंद्र की OBC लिस्ट में शामिल करने की मांग है। साल 2015 में केंद्र सरकार का भरतपुर और धौलपुर के जाटों के आरक्षण को रद्द कर दिया गया था और अब ये समुदाय केंद्र सरकार की नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में अपने हक के लिए केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल होने की मांग कर रहा है। युवा जाट आरक्षण संघर्ष समिति और RLP की सेना ने साफ चेतावनी दी है कि अगर शांतिपूर्ण तरीके से इस आरक्षण सभा की अनुमति नहीं दी गई या इसमें कोई बाधा डाली गई, तो उग्र आंदोलन, चक्का जाम और भारी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
सतीश पूनिया ने कहा- करो ना सबको हक आवाज उठाने का
दिलचस्प बात ये है कि अभी कुछ दिनों पहले जब भाजपा नेता सतीश पूनिया भरतपुर दौरे पर गए थे, तब उनसे इस जाट आरक्षण रैली के बारे में पूछा गया था। तब पूनिया ने कहा कि "करो करो, सबको हक है अपनी आवाज उठाने का।" बस इस बयान के बाद से तो तैयारियां सातवें आसमान पर हैं। भरतपुर के गांव-गांव और घर-घर जाकर पीले चावल बांटे जा रहे हैं। भीड़ इकट्ठा करने का ऐसा फुलप्रूफ प्लान बनाया गया है जिससे यह साफ दिखाया जा सके कि राजस्थान के जाट क्या कर सकते हैं।
सियासी जानकार है कि बेनीवाल जहां भी गए हैं, वहां धरने और प्रदर्शनों को एक नई ताकत और न्याय मिला है। चूंकि बेनीवाल पहले भी OBC आरक्षण के मुद्दे को प्रमुखता से उठा चुके हैं, इसलिए इस महाधरने में उनके आने से सरकार और प्रशासन पर दबाव बहुत ज्यादा बढ़ जाएगा।
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