जयपुर में घुमंतु-अर्धघुमंतु के महापड़ाव में हुए बवाल पर बेनीवाल का बड़ा बयान, कहा- गिरफ्तार लोगों को तुरंत रिहा करें

घुमंतु-अर्धघुमंतु समुदाय के जयपुर में महापड़ाव में हुए बवाल पर अब राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक हनुमान बेनीवाल का बड़ा बयान आया। उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि जो भी इनके खिलाफ आवाज उठाएगा उसके खिलाफ ये लोग इसी तरह के झूठे मामले लगाकर कार्रवाई करेंगे। बेनीवाल ने कहा कि जिन प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है उन्हें तत्काल रिहा किया जाए।
“बीजेपी के खिलाफ जो बोले, उसके खिलाफ मामला कराते हैं दर्ज”
गुरुवार को हनुमान बेनीवाल ने मीडिया से कहा कि जयपुर में घुमंतू एवं अर्द्ध-घुमंतू (DNT) समाज की महापंचायत में जो बीजेपी सरकार के इशारे पर पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया है वो निंदनीय है, बीजेपी सरकार और जयपुर कमिश्नरेट ने एक नई परम्परा शुरू की है कि जो भी सरकार के खिलाफ आवाज उठाएगा उसके खिलाफ राजकार्य बाधा या दूसरी धाराओं में झूठे मुकदमे दर्ज किए जाएंगे।
बेनीवाल ने कहा कि आज जो बीजेपी ऐसा कर रही है उस परंपरा का हमारे लोकतंत्र में कोई स्थान नहीं है। कल DNT समुदाय के जिन लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया या गिरफ्तार किया उन्हें तत्काल रिहा करें और उन पर झूठी धाराएं नहीं लगाएं। बेनीवाल ने बीजेपी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि राजस्थान में ब्यूरोक्रेसी सरकार पर हावी है जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
CM आवास पर कूच कर रहा था समुदाय
बता दें कि बीते दिन जयपुर के विद्याधर नगर के JDA ग्राउंड के बाहर 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग के साथ घुमंतु-अर्धघुमंतु, विमुक्त समाज के लोग मुख्यमंत्री के आवास की तरफ कूच करने के लिए निकले थे। आगे चलकर पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की। जिसके चलते पुलिस से इन लोगों की बहस हो गई। हालात इतने बिगड़े कि लोगों ने पुलिस पर पथराव किया तो उन्हें लीठाचार्ज करना पड़ा। यहां तक कि आंसू गैस भी छोड़े। इस दरमियान काफी अफरा-तफरी मची रही। पलिस ने 40 से ज्यादा आंदोलनकारियों को हिरासत में लिया। वहीं 4-5 पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं।
क्या मांगे हैं DNT समुदाय की
दरअसल DNT समुदाय की सबसे बड़ी मांग तो शिक्षा और नौकरी से जुड़ी है। ये समुदाय इन दोनों ही क्षेत्रों में अपने लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहा है। इस समुदाय के SC यानी अनुसूचित जाति में आने वाले लोगों को 3 प्रतिशत और OBC में आने वाले लोगों को 7 प्रतिशत आरक्षण भी चाहिए।
इसके अलावा ये अपने परिवारों के लिए पक्के मकान, जमीनों के पट्टे और सामाजिक सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। इनकी मांग है कि इस समुदाय के बच्चों और छात्रों के लिए प्रदेश में अलग से मॉडल स्कूल खोले जाएं पर विदेस में पढ़ने के लिए स्कॉलरशिप दी जाए। साथ ही पंचायती राज संस्थाओं में समाज को उचित हिस्सेदारी दी जाए।
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