“पेपर लीक के आरोपी सुरेश ढाका को सरंक्षण दे रही बीजेपी सरकार”, पिता को खनन का ठेके देने वाले मामले पर बेनीवाल ने साधा निशाना

Hanuman Beniwal on Suresh Dhaka: वरिष्ठ अध्यापक और SI भर्ती के पेपर लीक का आरोपी सुरेश ढाका को पुलिस भले ही 4 साल से तलाश रही है लेकिन SOG ने सुरेश ढाका के पिता का राजस्थान सरकार से ‘कनेक्शन’ सामने ला दिया है। राजस्थान सरकार के खनन विभाग ने सुरेश ढाका के पिता को बजरी खनन का ठेका दिया था वो भी सुरेश ढाका की फरारी के 14 महीने में ही। जब बीते दिन SOG ADG विशाल बंसल ने इसका भंडाफोड़ किया तो सियासत में हंगामा मच गया। इस पर अब RLP सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने बीजेपी पर हमला बोला है।
“क्या यही है जीरो टॉलरेंस”
हनुमान बेनीवाल की पार्टी ने कहा कि राजस्थान में पेपर लीक माफिया पर सरकार की कथित "जीरो टॉलरेंस" नीति की सच्चाई अब एक-एक कर सामने आ रही है। जिस व्यक्ति पर 10 पेपर लीक मामलों में वारंट जारी हैं, जो लंबे समय से फरार बताया जा रहा है, उसके परिवार को फरारी के दौरान ही 20 करोड़ रुपये का बजरी खनन ठेका मिल जाना भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
“फरार आरोपियों को संरक्षण दे रही सरकार?”
RLP ने कहा कि हम राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से पूछना चाहते है कि क्या यही है भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई? क्या फरार आरोपियों और उनके नेटवर्क को सरकारी संरक्षण मिल रहा है? क्या युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर कार्रवाई सिर्फ कागज़ों तक सीमित है? राजस्थान के लाखों बेरोजगार युवा वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सरकार को बताना चाहिए कि आखिर किन परिस्थितियों में ऐसे व्यक्ति के परिवार को करोड़ों का सरकारी ठेका दिया गया?
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने भजनलाल सरकार से मांग है कि इस पूरे मामले की जांच करवाई जाए और अगर किसी भी स्तर पर मिलीभगत या संरक्षण सामने आता है तो कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। युवाओं के भविष्य से समझौता और भ्रष्टाचार पर पर्दा—दोनों किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किए जा सकते।
2024 में ठेका, दिसंबर 2025 में मंजूरी भी मिल गई
राजस्थान के खनन विभाग ने ब्यावर के रायपुर स्थित गिरी नंदा बांध के पास खनन आवंटन की विज्ञप्ति निकाली थी। खनन निदेशालय ने मेसिया गांव की 100 हैक्टयर जमीन पर खनन के लिए फरवरी 2024 को ई-आक्शन निकाला। जुलाई 2024 को आरक्षित दर 40 लाख पर ई-निविदा आमंत्रित की गई। इसपर सबसे ज्यादा बोली ढाका कंस्ट्रक्शन ने 20.05 करोड़ रुपए लगाई। ये फर्म ढाका के पिता मांगीलाल की है। विभाग के अतिरिक्त निदेशक ने अगस्त 2024 को मंशा पत्र जारी किया। इसके डेढ़ साल में ही दिसंबर 2025 को अगले 5 साल के लिए खनन पट्टा जारी कर दिया गया।
2023 में सुरेश ढाका का नाम आया था सामने
सुरेश ढाका जयपुर में कोचिंग सेंटर चलाता था। इसी बहाने से पेपर लीक को अंजाम देता था। 2023 में हुई वरिष्ठ अध्यापक भर्ती के पेपर लीक में उसका नाम सामने आया था। SOG ने उदयपुर में सुखेर और बेकरिया में पेपर लीक गिरोह पकड़ा था। तभी इसके बारे में पता चला था और तभी से ये फरार चल रहा है। कार्रवाई के नाम पर तब सरकार ने गोपालपुरा बाइपास पर संचालित कोचिंग सेंटर ध्वस्त कर दिए थे। इसके बाद एक लाख रुपए का इनाम घोषित कर दिया था। सुरेश ढाका पर सिर्फ वरिष्ठ अध्यापक भर्ती ही नहीं बल्कि SI, XEN समेत 10 भर्तियों के पेपर लीक का आरोप है। उसके खिलाफ हफ्ते भर पहले लुक आउट सर्कुलर जारी हुआ है।
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