अजमेर से दौसा की जेल में शिफ्ट होगा जगन गुर्जर का भाई पप्पू गुर्जर, जानें क्यों प्रशासन ने लिया ये फैसला

राजस्थान के कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की अजमेर में हाई सिक्योरिटी जेल में हत्या के बाद उसके भाई पप्पू गुर्जर की अजमेर जेल में ही हालत खराब हो गई थी जिसके बाद समाज के लोगों ने जोरों-शोरों से उसे दूसरे जेल में शिफ्ट करने की मांग उठाई थी। बीते दिन समाज की जगन गुर्जर की पगड़ी रस्म के मौके पर हुई महापंचायत में देर रात इस बात पर प्रशासन ने हामी भर दी। अब पप्पू गुर्जर को अजमेर जेल से निकाल कर दौसा शिफ्ट किया जाएगा।
देर रात कलेक्टर और एसपी से हुई बातचीत
बीते दिन बाड़ी कोतवाली की तरफ कूच कर रहे गुर्जर समाज के लोगों जगन गुर्जर के परिजनों को प्रशासन ने रोका। ग्राम पंचायत रुधेर के सेवा केंद्र पर डीएम श्रीनिधि बीटी और एसपी विकास सांगवान ने गुर्जर स्वाभिमान रविंद्र भाटी गुर्जर, हाकिम बैंसला जैसे नेताओं से बातचीत की और पप्पू गुर्जर को दौसा की जेल में शिफ्ट करने के आदेश सोमवार को जारी करने को कहा।
क्या-क्या मांगें मानी गईं
प्रशासन और गुर्जर प्रतिनिधिमंडल के बीच 5 बड़ी मांगों पर लिखित सहमति बनी। इस समझौते के तहत-
-जगन गुर्जर को जेल पहुंचाने वाले बाड़ी कोतवाली थाना अधिकारी को तुरंत प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है।
-अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद जगन के भाई पप्पू गुर्जर को जल्द ही दौसा जेल में शिफ्ट किया जाएगा।
-परिवार की जान-माल की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन ने तुरंत प्रक्रिया शुरू कर दी है।
-मामले की न्यायिक जांच पूरी होते ही आगे की कार्रवाई का भरोसा दिया है।
-जगन गुर्जर के बेटे आसाराम गुर्जर को लाइसेंसी बंदूक का भी आदेश दिया है।
इस महापंचायत में प्रह्लाद खटाना, रामवीर पोसवाल और रविंद्र भाटी गुर्जर और हाकिम बैंसला जैसे नेता शामिल थे।
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