जगन गुर्जर की हत्या पर हाईकोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार, बेनीवाल बोले- हत्या में किसी और हाथ तो पत्नी कोमेश बोली- दो दिन में ले लूंगी बदला

Jagan Gurjar: अजमेर की हाईसिक्योरिटी जेल में राजस्थान के कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या मामले में अब हाईकोर्ट ने टिप्पणी की हैं। हाईकोर्ट ने इस पर सरकार और प्रशासन को लताड़ लगाई है और पूछा है कि हमें मीडिया के जरिए पता चल रहा है कि जेलों में मोबाइल पहुंच रहा है, वहां से गिरोह ऑपरेट हो रहे हैं तो जेल प्रशासन और राज्य सरकार क्या कर रही है?
गुरुवार को राजस्थान हाईकोर्ट में प्रदेश की जेलों में बंद कैदियों के कल्याण से जुड़े मामलों की सुनवाई हो रही थी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ ने इस मामले का 'स्वप्रेरित प्रसंज्ञान' यानी सुओ मोटो लिया।
कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि "आखिर प्रदेश की जेलों में चल क्या रहा है? जो जेलें 'हाई-सिक्योरिटी' कहलाती हैं, वहां मोबाइल और कैमरे कैसे पहुंच रहे हैं? जब जेल के अंदर से मुख्यमंत्री तक को धमकियां मिल रही हैं, तो अब तक किसी जिम्मेदार बड़े अधिकारी पर गाज क्यों नहीं गिरी?"
सुनने में ये किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसा लगता है, लेकिन ये राजस्थान की जमीनी हकीकत है। कोर्ट में एडवोकेट प्रतीक कासलीवाल ने जब सच सामने रखा, तो सुरक्षा के दावों की धज्जियां उड़ गईं। अदालत को बताया गया कि जेलों में पर्याप्त सीसीटीवी लगाने और अन-ऑथराइज्ड मोबाइल पर रोक के सख्त निर्देश थे।
लेकिन जब अजमेर जेल में जगन गुर्जर की हत्या होती है, तो जेल प्रशासन का जवाब क्या आता है? कि सीसीटीवी कैमरों पर किसी ने 'पेस्ट' या 'टेप' लगा दिया था, इसलिए कुछ रिकॉर्ड ही नहीं हुआ! क्या मज़ाक है ये? करोड़ों के बजट और जैमर्स के दावों के बीच, एक टेप का टुकड़ा पूरे सिस्टम को अंधा कर देता है?
हनुमान बेनीवाल ने कहा जगन की हत्या में किसी और का भी हाथ
जेल प्रशासन की इसी थ्योरी पर अब सियासत भी पूरी तरह गरमा चुकी है। (RLP) के सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने इस पूरे मामले पर सीधा हमला बोला है। बेनीवाल ने साफ कहा है कि जगन गुर्जर की हत्या किसी एक अकेले कैदी विष्णु सिंह के बस की बात नहीं थी।
उन्होंने आरोप लगाया है कि इस हत्याकांड के पीछे जेल सिस्टम में ऊपर से लेकर नीचे तक गहरी मिलीभगत बताया और सनद ने सरकार को चुनौती देते हुए इस पूरे मामले की CBI जांच की मांग की है, और दावा किया है कि अगर निष्पक्ष जांच हुई, तो जेल विभाग से लेकर पुलिस और सरकार के कई बड़े अफसर जेल की सलाखों के पीछे होंगे।
दूसरी तरफ हाईकोर्ट ने अब इस पूरे नेक्सस पर राज्य सरकार से जवाब तलब करते हुए एक विस्तृत और व्यापक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
पत्नी बोली- 2 दिन में बदला लूंगी
डकैत जगन गुर्जर की हत्या पर पत्नी और पूर्व डकैत कोमेश गुर्जर ने कहा कि जिसने भी जगन को मारा है, मुझे उसका नाम बता दो, अगर जेल के अंदर जगन को मारा गया है तो वो जेल नहीं है, सड़क है। कोमेश ने कहा कि फोन पर जगन ने मुझे वारदात वाले दिन सुबह हुए झगड़े के बारे में बताया था। कोमेश ने कहा कि मैं दो दिन में बदला ले लूंगी अगर प्रशासन ने कुछ नहीं किया तो, नहीं तो मैं अपने बच्चों के साथ आत्महत्या कर लूंगी।
जेल के अंदर कैदी विष्णु जाट ने की थी जगन की हत्या
29 जून को कैदी विष्णु जाट ने लूडो खेलते वक्त जगन गुर्जर की गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी थी। जगन का शव सुरक्षाकर्मियों को उसकी बैरक में मिला था।
ये भी पढ़ें- डकैत जगन गुर्जर के अंतिम संस्कार में उमड़े 6000 से ज्यादा लोग, जेल से आए तीनों भाई भी शामिल
इस लिंक को शेयर करें

