ओपनिंग के तीसरे दिन ही चलते-चलते अचानक बंद हो गई E-बस, यात्रियों का घुटा दम, मचा हड़कंप

Jaipur E-Bus: जयपुरवासियों को दो दिन पहले ई-बसों की सुविधा दी गई। जिसके बाद से जयपुर के तीन रूटों पर इन बसों का संचालन शुरू हुआ। लेकिन संचालन के तीसरे दिन ही इस बसों के साथ कुछ ऐसा हुआ जिसने फिर से कई सवालिया निशान लगा दिए हैं।
दरअसल मंगलवार सुबह 10:30 बजे कुंभा मार्ग पर एक ई-बस चलते-चलते अचानक रुक गई। उसके सारे दरवाजे ऑटोलॉक हो गए। सायरन बजने लगा। इससे लोगों में हड़कंप मच गया। ड्राइवर ने बस को किनारे खड़ी कर सवारियां उतारने की कोशिश की तो बस के दरवाजे ही नहीं खुले। काफी समय बीतने पर लोगों में घबराहट होने लगी, चीख-पुकार मच गई और उनका दम घुटने लगा। यहां तक कि ड्राइवर को भी समझ नहीं आया कि आखिर ये हुआ क्या?
पहले तो मैकेनिक तक को समझ नहीं आया कि हुआ क्या
ड्राइवर ने फोन कर तुरंत मैकेनिक बुलाया। कुछ देर बाद मौके पर मैकेनिक आया लेकिन काफी देर तक तो मैकेनिक भी समझ नहीं आया कि आखिर बस में समस्या क्य़ा हुई है। फिर उसने पैनिक बटन जो लगातार ब्लिंक कर रहा था उसे बंद किया और रीसेट किया। तब कहीं जाकर बस का माहौल शांत हुआ। शुरूआती जांच में या सामने आया कि किसी ने बस का पैनिक बटन दबा दिया था। जिसके बाद बस के सारे दरवाजे ऑटो लॉक हो गए और सायरन बजने लगा।
ड्राइवर के दरवाजे से सवारियों को नीचे उतारा
बस के ड्राइवर हेमंत ने बताया कि बस के ऑटो दरवाजे लॉक होने की वजह से सवारियां उतर नहीं पा रही थीं जिससे वो और ज्यादा घबरा रहीं थीं। किसी तरह ड्राइवर सीट का दरवाजा खोलकर कुछ सवारियों को बाहर उतारा गया। तभी किसी ने अपने पास लगे इमरजेंसी बटन दबाया तब जाकर सारे दरवाजे खुले और सवारियों को उतारा गया।
हेमंत ने कहा कि शुरूआत में उन्हें ही नहीं समझ आया कि आखिर ये अचानक हुआ क्या? क्योंकि ऐसी स्थिति के लिए तो उन्हें ट्रेनिंग मिली ही नहीं। ना ही ट्रेनिंग में ये बताया गया कि पैनिक बटन के एक्टिव होने पर करना क्या चाहिए।
ड्राइवर्स को दी गई आधी-अधूरी ट्रेनिंग?
ऐसे में ये घटना अब बड़े सवाल खड़े कर रही है। बस में इतनी आधुनिक सुविधाएं होने के बावजूद भी ड्राइवर्स और कंडक्टर्स को इसका पूरा प्रशिक्षण क्यों नहीं दिया गया। कैसे इन सुविधाओं का इस्तेमाल करना है और कोई समस्या होने पर कैसे उससे निपटना है ये जब तक ड्राइवर्स को नहीं बताया जाएगा, वो कैसे इस बस का संचालन कर पाएंगे।
सवाल ये भी है कि क्या पहले से ही संचालन के लिए लेट हो चुकी इन बसों को जल्द से जल्द जयपुर की सड़कों पर उतारने के लिए ड्राइवर्स की ट्रेनिंग पूरी हुए बिना ही इन्हें ई-बसों के स्टेयरिंग थमा दिए गए। ये सीधे-सीधे बस मे सफर कर रहे यात्रियों की जान से खिलवाड़ है। अब देखना है कि शासन-प्रशासन और JCTSL इस पर क्या कार्रवाई करता है।
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