खौलता पानी ही शरीर पर फेंक दिया! CM भजनलाल के काफिले में जलाई गई युवती ने पुलिस पर केस किया दर्ज

Jaipur: राजधानी जयपुर के जगतपुरा इलाके में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के काफिला निकलने के दौरान पुलिस ने एक युवती पर ऐसा सितम ढहाया कि इन रक्षकों का चेहरा दागदार हो गया। काफिले के दौरान पुलिस ने सड़क किनारे फूड कार्ट हटाने की कार्रवाई अब गंभीर विवाद में बदल गई है। पीड़िता रेशु गुप्ता ने अपनी आपबीती सुनाते हुए आरोप लगाया है कि पुलिसकर्मियों ने बिना मोहलत दिए जबरन उनका फूड कार्ट हटाने की कोशिश की, जिससे कार्ट पर रखा खौलता पानी उसके शरीर पर गिर गया और वो बुरी तरह झुलस गई। घटना को 4 दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं होने से परिवार में नाराजगी है।
पुलिस का क्या कहना है
इधर रामनगरिया थाना पुलिस का कहना है कि VIP मूवमेंट के दौरान पुलिस टीम सड़क खाली करवा रही थी। कुछ फूड कार्ट सड़क पर खड़े थे, जिन्हें हटाने को लेकर कार्ट संचालकों से बहस हुई थी। पीड़िता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।
19 जून को हुई थी वारदात
पीड़िता रेशु गुप्ता के मुताबिक, 19 जून की शाम वो रोज की तरह जगतपुरा में अपना फूड कार्ट लगा रही थी। इसी दौरान कुछ पुलिसकर्मी वहां पहुंचे और मुख्यमंत्री के काफिले की सुरक्षा और VIP रूट का हवाला देते हुए कार्ट हटाने लगे। रेशु का आरोप है कि उसने पुलिसकर्मियों से हाथ जोड़कर कुछ मिनट का समय मांगा और बताया कि कार्ट पर रखे बर्तन में खौलता गर्म पानी है, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसकी एक नहीं सुनी। आरोप है कि कार्ट को धक्का देने से बर्तन का खौलता पानी सीधे उसके शरीर पर आ गिरा, जिससे हाथ, छाती और पेट का बड़ा हिस्सा झुलस गया।
रेशु ने कहा कि वह असहनीय दर्द से गुजर रही है और इस घटना ने उसे शारीरिक ही नहीं, मानसिक रूप से भी तोड़ दिया है। उसने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुरक्षा के नाम पर रोजी-रोटी कमाने वाली लड़कियों के साथ इस तरह का बर्ताव ना सिर्फ अमानवीय है, बल्कि दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
बहन ने लगाया गाली-गलौच का आरोप
घटना के दौरान रेशु की बहन खुशबू गुप्ता भी मौके पर मौजूद थी। परिवार का आरोप है कि जब खुशबू अपनी बहन को बचाने और विरोध करने पहुंची तो पुलिसकर्मियों ने उसके साथ भी बदसलूकी और गाली-गलौज की। खुशबू का कहना है कि घटना के तुरंत बाद आरोपी पुलिसकर्मी मौके से निकल गए, जबकि वहां मौजूद दूसरे पुलिसकर्मियों ने भी घायल युवती की मदद नहीं की। बाद में परिवार ने किसी तरह रेशु को अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल उसका घर पर इलाज चल रहा है।
FIR के बाद भी कार्रवाई नहीं
पीड़ित परिवार का कहना है कि रामनगरिया थाने में नामजद FIR दर्ज कराई जा चुकी है, लेकिन 4 दिन बाद भी आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि पुलिस विभाग अपने कार्मिकों को बचाने में लगा है।
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