JDA के खिलाफ जनता का धरना, सरकार के शहरी सेवा शिविर-2026 के पट्टों का नियम नहीं मान रहे अधिकारी

Jaipur: राजस्थान सरकार ने आम लोगों को राहत देने के लिए शहरी सेवा शिविर-2026 शुरू किए हैं। सरकार का दावा है कि इन शिविरों के जरिए पट्टे, नियमन और लंबित मामलों का तेजी से निपटारा होगा। लेकिन जयपुर के पृथ्वीराजनगर में हालात बिल्कुल अलग दिखाई दे रहे हैं। यहां लोगों ने JDA कार्यालय के बाहर जबरदस्त धरना दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार तो राहत दे रही है, लेकिन अधिकारी सरकारी आदेशों की पालना ही नहीं कर रहे। लोगों का कहना है कि उन्हें शिविरों में मिलने वाली छूट और सुविधाओं का लाभ नहीं दिया जा रहा।
शिविर में बैठने के बजाय अपने जो कार्यालय में बैठ रहे अधिकारी
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पृथ्वीराजनगर जोन के अधिकारी शहरी सेवा शिविर में बैठने के बजाय अपने जोन कार्यालय में बैठ रहे हैं, जिससे लोगों के आवेदन लंबित पड़े हैं और पट्टे जारी नहीं हो रहे। इन अधिकारियों में लविंदर शेखावत, जोन उपायुक्त दामोदर समेत जोन से जुड़े कई अधिकारी शामिल हैं। जब लोगों की इन सवालों को लेकर भरत रफ्तार रप्तार मौके पर पहुंचा तो अधिकारी अपनी कुर्सी से ही गायब दिखे और घंटों बाद भी ऑफिस की तरफ झांकने तक नहीं आए।
इन बिंदुओं पर लोगों का आक्रोश
यहां लोगों का कहना है कि राजस्थान सरकार ने शहरी सेवा शिविर-2026 के लिए कई राहतें दी हैं, लेकिन JDA अधिकारी इनका पालन नहीं कर रहे। उन्होंने सराकारी आदेश के कुछ बिंदुओं का हवाला देते हुए बताया कि सरकार ने नियम तो जारी कर दिए लेकिन अधिकारी इनकी सुविधा जनता को दे ही नहीं रहे हैं।

पहला- अनरजिस्टर्ड दस्तावेजों के आधार पर जारी होने वाले पट्टों में स्टाम्प शुल्क पर विशेष छूट का प्रावधान किया गया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस छूट का लाभ अधिकारी नहीं दे रहे है।

दूसरा- सरकार ने नामांतरण, लीज होल्ड से फ्री होल्ड और NOC जैसे मामलों में मौके पर निरीक्षण की अनिवार्यता खत्म करने का प्रावधान किया है, ताकि प्रक्रिया तेज हो सके। लेकिन लोगों का कहना है कि ऐसा अधिकारी मानने को तैयार नहीं।

तीसरा- पट्टे आवंटन में पिछले सालों के बकाया राशि को एकमुश्त इस शिविर में जमा करने पर ब्याज में पूरी छूट दी जाएगी लेकिन अधिकारी ये भी नही कर रहे हैं।
सरकार सुविधा दे रही तो अधिकारियों को क्या समस्या
धरने पर बैठे लोगों का कहना है कि जब सरकार खुद राहत देने के लिए नियमों में छूट दे रही है, तो फिर जमीनी स्तर पर इनका लाभ क्यों नहीं मिल रहा? फिलहाल JDA के खिलाफ लोगों का धरना जारी है और प्रशासन से जवाब की मांग की जा रही है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकारी आदेशों की पालना वास्तव में हो रही है या फिर आम जनता को राहत देने वाली योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित हैं?
ये भी पढ़ें- राहुल गांधी के सामने गहलोत-पायलट ही नहीं बल्कि धारीवाल-गुजंल ने भी दिखाई एकजुटता, क्या ये दिखावा ही या फिर...
इस लिंक को शेयर करें

