शेखावाटी इलाकों की जल्द बुझेगी प्यास, राजस्थान और हरियाणा के बीच यमुना जल परियोजना का हुआ करार

Yamuna Water Project: नई दिल्ली में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर.पाटिल के साथ राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की यमुना जल परियोजना पर लंबी बैठक हुई। इस बैठक के बाद दोनों नेताओं ने मीडिया से बातचीत की। जिसमें बताया कि जल्द ही ये परियोजना धरातल पर उतरेगी और राज्यों के पानी के विवाद भी खत्म होंगे।
हरियाणा और राजस्थान में पानी के लिए बनी सहमति
जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने यमुना जल परियोजना पर हुए बैठक पर कहा कि आज की बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री और हरियाणा के मुख्यमंत्री मौजूद रहे हैं। हरियाणा से पानी के लिए 1994 में जो करार हुआ था आज उतना ही पानी पाइपलाइन से राजस्थान तक ले जाने के लिए सहमति बनी है।
सी.आर. पाटिल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने MoU होगा। 1994 से MoU होने के बाद भी पानी राजस्थान को नहीं मिल रहा था। हरियाणा पानी देने के लिए तैयार था लेकिन अगर वे कनाल से पानी लेकर जाएंगे तो पानी कम हो जाता है इसके लिए पाइपलाइन से ले जाने का तय हुआ है। इससे राजस्थान के लोगों को पानी मिलेगा।
PM Modi के नेतृत्व में जल विवाद का हो रहा निपटारा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देना चाहता हूं कि देश के अंदर दशकों से अटकी सभी योजनाओं का काम बहुत गति से हो रहा है। सभी राज्यों के जो जल के विवाद थे वे प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उनका समाधान हो रहा है। लगातार नई योजनाएं बन रही हैं। मैं जल शक्ति मंत्री सी.आर.पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी का धन्यवाद करता हूं। राजस्थान में यमुना के पानी की मांग लंबे समय से हो रही थी। अब इसका भी रास्ता खुल गया है।
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क्या है यमुना जल परियोजना?
यमुना जल परियोजना (Yamuna Water Project) हरियाणा और राजस्थान के बीच एक चलने वाली एक अंतर-राज्यीय परियोजना है। इससे पीने के और सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा। जिसका मुख्य उद्देश्य राजस्थान के शेखावाटी इलाकों जैसे चूरू, सीकर और झुंझुनू में पीने का साफ पानी पहुंचाना है। इस पूरे प्रोजेक्ट की कुल लागत 25,000 करोड़ से 32,000 करोड़ के बीच बताई जा रही है।
ये परियोजना हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से राजस्थान को उसके हिस्से का यमुना नदी का पानी देगी। इस परियोजना में पानी की चोरी और वाष्पीकरण को रोकने के लिए लगभग 300 किलोमीटर लंबी अंडरग्राऊंड पाइपलाइन बिछाई जा रही है।
इस परियोजना के तहत जुलाई से अक्टूबर के बीच यानी पूरे मानसून के दौरान राजस्थान को लगभग 577 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इससे राजस्थान के शेखावाटी जिलों में गिरते भूजल स्तर से पैदा हुई पानी की कमी की समस्या का समाधान होगा। क्योंकि इससे लोगों की भूजल पर निर्भरता कम हो जाएगी।
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