ओपन जेल से घर आया था कैदी, वापस लौटते वक्त हत्या, कैसे मिली हमलावरों को उसकी लोकेशन?

Jaipur Open Jail Murder: राजधानी जयपुर में सांगानेर ओपन जेल के कैदी गंगासहाय कुमावत की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर हमलावरों को कैसे पता चला कि गंगासहाय उस दिन धावास स्थित अपने घर आया हुआ है और शाम को उसी रास्ते से वापस जेल लौटेगा जहां पर ये कांड आसान होगा?
फिलहाल इस सवाल का कोई सार्वजनिक रूप से सामने आया पुख्ता जवाब नहीं है। पुलिस और जांच एजेंसियां CCTV फुटेज, घटनास्थल से मिले सबूतों और हमलावरों के आने-जाने के रास्ते की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस ने इस बात की जांच शुरू करने की पुष्टि की है कि गंगासहाय की गतिविधियों और उसके जेल से आने-जाने की जानकारी हमलावरों तक आखिर कैसे पहुंची।
घर से निकला गंगासहाय, पीछा हुआ और फिर गोलियां चलीं
धावास का रहने वाला गंगासहाय कुमावत सांगानेर ओपन जेल में सजा काट रहा था। बीते बुधवार को वो अपने घर धावास आया था। शाम करीब 5 बजे वो बाइक से वापस जेल की तरफ रवाना हुआ।
जैसे ही वो जानकी विहार इलाके में पहुंचा उसके बाद ही स्कूटी सवार दो बदमाशों ने उसका पीछा किया। कुछ दूरी तक आगे जाने के बाद आरोपियों ने उस पर ताबड़तोड़ 3 गोलियां चला दीं। इनमें से एक गोली गंगासहाय के सिर में लगी और फिर उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गंगासहाय को गोली मारने के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए।
अब यही घटनाक्रम पुलिस के लिए सबसे अहम सुराग बन गया है। क्योंकि अगर हमलावर अचानक सामने नहीं आए थे और गंगासहाय का पीछा कर रहे थे तो सवाल उठता है कि उन्हें उसके घर से निकलने की जानकारी पहले से थी या उन्होंने उसे रास्ते में देखकर उसका पीछा शुरू किया? या फिर किसी और ने या अपने ने ही गंगासहाय की जानकारी बदमाशों को दी।
क्या पहले से हुई थी रेकी?
पुलिस जांच में फिलहाल रेकी की आशंका सामने आ रही है। पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि गंगासहाय की गतिविधियों और उसके जेल से आने-जाने की जानकारी हमलावरों तक कैसे पहुंची। पुलिस आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
तीन संभावनाओं पर जांच का फोकस
1- क्या हमलावरों को कैदी के आने-जाने का टाइम पहले से पता था?
गंगासहाय ओपन जेल में सजा काट रहा था और दिन में बाहर आने-जाने का इंतजाम सामान्य जेल से अलग होता है। वो दिन में काम करता था और निर्धारित समय पर जेल लौटता था। ऐसे में उसकी रोजाना की गतिविधियों की जानकारी किसी परिचित या पुराने संपर्क के जरिए बाहर तक पहुंचने की संभावना की भी जांच की जा सकती है।
2- क्या किसी ने उसकी रवानगी की सूचना दी?
दूसरा सवाल ये है कि क्या किसी ऐसे व्यक्ति ने हमलावरों को सूचना दी, जिसे पता था कि गंगासहाय उस दिन घर आया है और कब वापस निकलेगा। अगर CCTV में ये सामने आता है कि हमलावर उसके घर के आसपास पहले से मौजूद थे, तो यह एंगल मजबूत हो सकता है। इसके उलट अगर फुटेज में वे रास्ते में दिखाई देते हैं और वहीं से उसका पीछा शुरू करते हैं, तो कहानी अलग हो सकती है।
3- क्या गंगासहाय की पुरानी दुश्मनी बनी मौत का कारण?
गंगासहाय 2018 में मोती डूंगरी इलाके के हिस्ट्रीशीटर महेंद्र गुर्जर की हत्या के मामले में दोषी था और इसी मामले में ओपन जेल में सजा काट रहा था। अब पुलिस हत्या के पीछे पुरानी रंजिश, बदले की कार्रवाई या किसी नए विवाद समेत कई एंगल पर जांच कर रही है।
यही वजह है कि पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि क्या गंगासहाय के पुरानी दुश्मनी से जुड़े किसी शख्स को उसकी गतिविधियों की जानकारी थी।
गलियों के CCTV खंगाल रही पुलिस
जांच में पुलिस वारदात की जगह के आसपास के कैमरों के साथ-साथ हमलावरों के आने और भागने वाले रास्ते की फुटेज भी खंगाल रही है। इससे ये पता लगाया जा सकता है कि दोनों आरोपी वारदात से पहले से इलाके में मौजूद थे या गंगासहाय को देखकर उसके पीछे लगे। पुलिस आरोपियों की पहचान और उनके भागने के रास्ते का पता लगाने के लिए फुटेज का इस्तेमाल कर रही है।
फिलहाल इतना ही कहा जा सकता है कि गंगासहाय की लोकेशन हमलावरों तक कैसे पहुंची, यह पुलिस जांच का अहम हिस्सा है। इसे लेकर अभी किसी एक स्रोत या व्यक्ति का नाम सामने नहीं आया है।
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