होम/rajasthan/kirodi-lal-meena-gajendra-singh-khimsar-madan-dilawar-in-delhi

किरोड़ी, खींवसर, दिलावर का दिल्ली दौरा: केंद्र सरकार ने अचानक क्यों भेजा बुलावा

किरोड़ी, खींवसर, दिलावर का दिल्ली दौरा: केंद्र सरकार ने अचानक क्यों भेजा बुलावा
राजस्थान
03 Jul 2026, 05:29 pm
रिपोर्टर : Jyoti Sharma

राजस्थान सरकार के मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल होने वाला है। दरअसल सरकार के एक नहीं, दो नहीं, बल्कि कई दिग्गज मंत्रियों को अचानक दिल्ली से बुलावा आया है जिससे सूबे के सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। दिल्ली बुलावे में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर गए हैं।

किरोड़ी, खींवसर, दिलावर दिल्ली में

अब चर्चाएं गर्म हैं कि कृषि विभाग की हालिया छापेमारी और संगठन के भीतर चल रही खींचतान को लेकर उन्होंने आलाकमान के किरोड़ी लाल मीणा अपनी बात रख सकते हैं। वहीं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने सीधे देश के गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है। आपको बता दें कि पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के सरकारी अस्पतालों की बदहाली और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर खींवसर विपक्ष के निशाने पर थे। इसी बीच, अपने कड़क मिजाज और विवादित बयानों के लिए हमेशा सुर्खियों में रहने वाले शिक्षा मंत्री मदन दिलावर भी जयपुर से दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं, जहां वो संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष से मुलाकात की। साथ ही जलदाय मंत्री कन्हैयालाल भी दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं।

परफॉर्मेंस ऑडिट लेगी केंद्र सरकार?

अब सवाल उठता है कि आखिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि आधी कैबिनेट दिल्ली में नजर आ रही है? राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी आलाकमान इस समय बेहद आक्रामक मोड में है। राजस्थान में सरकार बने अच्छा-खासा समय हो चुका है, और अब वक्त है 'परफॉर्मेंस ऑडिट' का!

मंत्रियों के कामकाज के फीडबैक से क्या खुश नहीं पार्टी?

पार्टी नेतृत्व हर मंत्री के कामकाज, उनकी परफॉर्मेंस और सबसे महत्वपूर्ण-जनता के बीच उनकी छवि का ग्राउंड फीडबैक ले रहा है। हाल के दिनों में कई मंत्रियों के बयानों और फैसलों से जो विवाद खड़े हुए हैं, उनसे पार्टी का शीर्ष नेतृत्व खुश नहीं है। जिसके चलते आगामी चुनावों और संगठन को मजबूत करने के लिहाज से कमजोर कड़ियों को हटाया जा सकता है और कुछ नए, युवा चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल कर एक बड़ा 'डैमेज कंट्रोल' करने की तैयारी है।

हालांकि, बीजेपी की तरफ से अभी तक इसे सिर्फ एक 'शिष्टाचार और विभागीय चर्चा' बताया जा रहा है। ऐसे में राजस्थान के मंत्रियों का ये दौरा सूबे के लिए क्या बदलाव लेकर आ सकता है, ये देखने बेहद दिलचस्प रहने वाला है।

ये भी पढ़ें- थोड़ी शांति के बाद फिर शुरु हुआ किरोड़ी vs डोटासरा का दौर! कृषि विभाग के अधिकारियों पर ACB के छापे पर छिड़ा संग्राम


इस लिंक को शेयर करें

ads

लेटेस्ट खबरें

ads
© 2026 Bharat Raftar. All rights reserved. Powered By Zentek.