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आखिर किसकी गलती से उपजा खेजड़ी vs पीपल का विवाद? PMO ने डिलीट किया पोस्ट

आखिर किसकी गलती से उपजा खेजड़ी vs पीपल का विवाद? PMO ने डिलीट किया पोस्ट
राजस्थान
06 Jul 2026, 04:52 pm
रिपोर्टर : Jyoti Sharma

4 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पचपदरा आए और रिफाइनरी का उद्घाटन कर गए। यहां पर उन्होंने राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े के साथ पौधारोपण किया। लेकिन इस पौधारोपण में उन्होंने खेजड़ी का नाम लिया था कि खेजड़ी का पौधारोपण उन्होंने किया है। लेकिन सोशल मीडिया पर जो तस्वीरें आईं उसमें पीएम मोदी पौधारोपण तो करते दिखे लेकिन खेजड़ी का नहीं बल्कि पीपल का। जी हां, बीजेपी, बीजेपी राजस्थान यहां तक कि प्रधानमंत्री कार्यालय के सोशल मीडिया हैंडल की तरफ से भी ये तस्वीरें पोस्ट की गईं और कैप्शन लिखा गया खेजड़ी का। ऐसे में इस पर अब विवाद खड़ा हो गया है और कांग्रेस-RLP ने बीजेपी को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

‘एक पेड़ मां के नाम’ में हो गई ‘चूक’!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ये पौधारोपण 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान किया था। देश के प्रधानमंत्री के दौरे पर इतनी बड़ी लापरवाही किसकी वजह से हुई? क्योंकि जब देश का प्रधानमंत्री किसी राज्य में आता है, तो प्रोटोकॉल के तहत हर एक छोटे से छोटे कार्यक्रम की जिम्मेदारी तय होती है। पौधारोपण जैसे कार्यक्रमों के लिए मुख्य रूप से तीन स्तरों पर काम होता है-

1. वन विभाग (Forest Department) की बड़ी लापरवाही

राजस्थान में 'खेजड़ी' को राज्य वृक्ष का दर्जा मिला है और इसे मरुस्थल का 'कल्पवृक्ष' कहा जाता है। स्थानीय वन विभाग के अधिकारियों का ये बुनियादी फर्ज था कि वे कार्यक्रम के लिए सही पौधे का चयन करें। रेगिस्तानी इलाके में खेजड़ी और पीपल के पत्तों और बनावट में जमीन-आसमान का अंतर होता है। वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने बिना जांच-परख किए VIP मूवमेंट के दबाव में आकर या जल्दबाजी में पीपल के पौधे को ही खेजड़ी मानकर वहां रखवा दिया।

2. स्थानीय प्रशासन और रिफाइनरी प्रबंधन का 'ओवरकॉन्फिडेंस'

पचपदरा में रिफाइनरी का कार्यक्रम था, इसलिए स्थानीय जिला प्रशासन और HPCL के अधिकारियों की संयुक्त टीम इस आयोजन को देख रही थी। अधिकारियों ने सिर्फ 'प्रोटोकॉल' और 'ब्यूरोक्रेसी' को फॉलो किया, लेकिन जमीनी हकीकत यानी पौधे की प्रजाति को री-चेक करने की जहमत नहीं उठाई।

3. PMO की सोशल मीडिया टीम का 'ब्लाइंड ट्रस्ट'

प्रधानमंत्री की सोशल मीडिया टीम दिल्ली में बैठकर काम करती है। उन्हें स्थानीय अधिकारियों और राज्य सरकार के सूचना विभाग की तरफ से जो ब्रीफिंग या प्रेस नोट मिलता है, वे उसी के आधार पर पोस्ट तैयार करते हैं। स्थानीय प्रशासन ने लिखकर दिया कि "PM ने खेजड़ी का पौधा लगाया है," और PMO की टीम ने बिना किसी संशय के उसे 'X' पर पोस्ट कर दिया।

कांग्रेस-RLP ने तुरंत पीएम मोदी को ही टारगेट कर दिया

पीपल का पौधारोपण करते हुए जैसे ही PM मोदी की तस्वीरें तस्वीरें शेयर हुईं, नागौर सांसद और RLP सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल की नजर इस पर पड़ गई। उन्होंने तुरंत 'X' पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को टैग करते हुए तंज कसा कि— "क्या मुख्यमंत्री जी ने खेजड़ी बताकर आपसे पीपल का पौधा लगवा दिया?"

वहीं कांग्रेस ने कहा कि ये सिर्फ एक पौधे की गलती नहीं है, बल्कि ये प्रशासन के ढीले रवैये और 'लापरवाही' का सबसे बड़ा उदाहरण है। जब सूबे के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और खुद मुख्यमंत्री वहां मौजूद थे, तो किसी ने भी पौधे को देखकर टोकना सही क्यों नहीं समझा?

इनका नतीजा ये हुआ कि प्रधानमंत्री के आधिकारिक अकाउंट से उस विवादित पोस्ट को डिलीट कर दिया गया। पोस्ट का डिलीट होना इस बात का सीधा सबूत था कि गलती प्रशासन के स्तर पर वाकई हुई थी।

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