किरोड़ी के नक्शेकदम पर चल रहे हैं नरेश मीणा, क्या राजस्थान को मिल रहा नया किसान नेता?

Naresh Meena: बारां के छबड़ा में किसान नेता और भगत सिंह पार्टी के नेता नरेश मीणा किसानों के लिए सड़कों पर डेरा डाला था। किसानों की कई मांगों को शासन-प्रशासन से मनवाने के लिए जो कदम उन्होंने उठाया था। कहीं ना कहीं वो फलीभूत होता दिखा। क्योंकि देर रात प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत के बाद और मांग पूरी करने के आश्वासन के बाद ये धरना समाप्त कर दिया गया। यहां की जो तस्वीर सामने आई थी, जिसमें नरेश मीणा अपने हाथ में झोली फैलाकर, SDM दफ्तर के बाहर दंडवत प्रणाम करके जिला प्रशासन से 'भीख' मांग रहे हैं उसने पूरे राजस्थान मे सुर्खियां बटोरीं।
SDM कार्यालय के बाहर दिया था धरना
छबड़ा SDM कार्यालय के बाहर नरेश मीणा अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे रहे थे। नरेश मीणा ने आरोप लगाया था कि एक तरफ सरकारी केंद्रों पर DAP खाद गायब है, तो दूसरी तरफ प्राइवेट व्यापारी इसी मजबूरी का फायदा उठाकर खाद की जमकर कालाबाजारी कर रहे हैं, मनमाने दाम वसूल रहे हैं। नरेश मीणा ने साफ अल्टीमेटम दे दिया था 'या तो किसानों को खाद दो, नहीं तो ये धरना शाम से आमरण अनशन में बदल जाएगा।' जिसके बाद ही प्रशासनिक अधिकारियों ने धरनास्थल पर जाकर वार्तालाप की।
किरोड़ी लाल मीणा के नक्शेकदम पर चल रहे नरेश मीणा
जानकार ऐसा कह रहे हैं कि नरेश मीणा अब किरोड़ी लाल मीणा के नक्शेकदम पर चल रहे हैं। किरोड़ी मीणा जो खुद को पूर्व राजस्थान का सबसे बड़ा किसान नेता मानते हैं और हमेशा अपनी ही सरकार के खिलाफ भी मोर्चा खोलने से नहीं कतराते, उनके क्षेत्र के पास ये आंदोलन हो रहा है।नरेश मीणा का ये आंदोलन सिर्फ खाद तक सीमित नहीं था। ये पूर्वी और हाड़ौती राजस्थान में किसानों के नेतृत्व की एक नई जंग है।
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