“पेट्रोल-डीजल-LPG पर अफवाह फैलाने वाले आज निराशा के गर्त में”, पीएम मोदी बोले- ईंधन के संकट में रिफाइनरियों ने क्षमता से किया उत्पादन

बालोतरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस को एक-एक कर उसके कारनामे गिनाए। पचपदरा रिफाइनरी के उद्घाटन के मौके पर जनता के बीच पीएम मोदी ने ईरान-अमेरिका युद्ध के दौरान देश पर आए ईंधन के संकट का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मुझे पता है कि देशवासी देश के साथ खड़े थे और अफवाह फैलाने वालों ने कोई कसर नहीं छोड़ी और नतीजा ये रहा कि आज वो गर्त में हैं।
21 वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट में देश तटस्थ रहा
बालोतरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पश्चिमी एशिया में युद्ध की वजह से पूरी दुनिया में हाहाकार मचा है। हर देश त्रस्त है। इस युद्ध ने 21 वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट को जन्म दिया। बड़े-बड़े देश आज ईंधन की किल्लत से जूझ रहे हैं। लेकिन भारत की इच्छाशक्ति और देश के प्रयास इन संकटों पर भारी प़डे हैं। भारत ने हर स्तर पर सही फैसले लिए। संकट का समय रहते सटीक आकलन किया। प्रभावी रणनीति बनाई, संसाधनों को संतुलित इस्तेमाल किया। डिप्लोमेटिक पॉवर का इस्तेमाल किया। तब जाकर ये संकट टला है।
“कुछ ताकतों ने अफवाहों के दम पर देश को कमजोर करने की कोशिश की”
पीएम मोदी ने आगे कहा कि सार्वजनिक तौर पर कुछ ताकतें आशंका और अफवाह फैलने में व्यस्त थी। और तब किस स्केल पर दिन रात काम हो रहा था। किस तरह दिन-रात स्थिति को संभाला जा रहा था। हर स्तर पर उठाए गए एक-एक संवेदनशील कदम कभी ना कभी इतिहास लिखेंगे, ये सब अभूतपूर्व है।
“संकट के वक्त देश की रिफाइनियों के सामर्थ्य को बढ़ाया”
पीएम ने आगे कहा कि LPG को लेकर हम सब जानते हैं, हमारी जरूरतों की करीब 60 प्रतिशत गैस दूसरे देशों से आती है। इसमें 90 प्रतिशत LPG गल्फ देशों और होर्मुज से आ रही थी। लेकिन युद्ध ने इस सप्लाई को बंद कर दिया था। कितना बड़ा हाहाकार मचने जा रहा था लेकिन राजस्थान की इस धरती ने चुनौतियों को भी चैलेंज देना सिखाया है। रिफाइनरी के सामर्थ्य पर फोकस किया। रिफाइनरी को LPG बनाने को कहा और 7 दिन के भीतर LPG के उत्पादन में बढ़ोतरी की। जिन रिफाइनकी ने पहले कभी LPG नहीं बनाया, उन्हें भी इसके लिए कहा गया। लोगों पर LPG कीमतों का लोड ना पड़े इसका भी ध्यान रखा गया। बहुत ही कम समय में भारत ने 11 लाख से ज्यादा घरों को गैस के PNG कनेक्शन से जोड़ा।
“संकट के वक्त भी कीमतें नहीं बढ़ाईं”
पीएम ने कहा कि ईंधन की कमी से घरेलू उपभोक्ताओं पर बहुत बोझ भी नहीं पड़ने दिया। जो हालात थे, उनमें घरेलू सिलेंडर की कीमत बढ़ती जा रही थी। लेकिन हमारे यहां साढ़े 900 रुपए से कम में दिया जा रहा है। गरीबों को उज्ज्वला योजना के तहत 600 रुपए में दिया गया है और दिया जा रहा है। दो दिन पहले सरकार ने कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में कटौती की है।
“तेल कंपनियों के 75 हजार करोड़ के घाटे की सरकारी खजाने से भरपाई की”
पीएम मोदी ने कहा कि युद्ध के चलते पेट्रोल-डीजल का संकट आया। हमारे यहां तेल के बड़-बड़े कुएं नहीं है। आयात के रास्ते बंद थे। कई देशों में ईंधन की कीमतों में 50 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ। कई देशों में तो ईंधन कोटे के आधार पर मिल रहा था। लेकिन हमने भारत में ये हालात नहीं आने दिए। अफवाहें बहुत फैलाई गईं। लोगों को डराया गया, भड़काया गया। लेकिन जिनके इरादे गलत थे वो सफल नहीं हो पाए। दूर-दराज के कछ इलाकों को छोडकर कहीं मुश्किल नहीं आई। अप्रैल के महीने में 75 हजार करोड़ रुपए का घाटा तेल कंपनियों को उठाना पड़ा। इतने में तो एक नई रिफाइनरी बन जाती है। इस घाटे की भऱपाई सरकारी खजाने से हुई। लेकिन देश को हमने परेशान नहीं दिया।
“दूसरे देशों की दोस्ती हमें तब काम आई”
PM ने कहा कि दूसरे देशों के साथ दोस्ती भी तब भारत को काम आई। पहले 26 देशों से ही भारत ऊर्जा का आयात करता था। लेकिन संकट के समय भारत की डिप्लोमेसी का जलवा दिखा। दूसरे देशों के साथ हमारे अच्छे संबंध काम आए। भारत 40 से ज्यादा देशों से ईंधन मंगाने लगा। हमारे लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि है। नागरिक देवो भवः।
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