राजस्थान से कौन होगा केंद्र में चेहरा? सतीश पूनिया या फिर...किस पर दांव चलेगी प्रदेश भाजपा

राजस्थान में इन दिनों बीजेपी के गलियारों में एक सवाल दौड़ लगा रहा है कि आखिर प्रदेश में ऐसे कौन से चेहरे हैं जो केंद्र में जगह पा सकते हैं या फिर जो दिल्ली की राजनीति में जगह पा सकते हैं। तो राज्य के 4 बड़े नेता केंद्रीय संगठन से लेकर केंद्रीय मंत्रिमंडल की रेस में सबसे आगे चल रहे हैं। इन्हीं के बारे में हम आपको बता रहे हैं।
सतीश पूनिया का नाम सबसे ऊपर
इस लिस्ट में सबसे पहला और मजबूत नाम है सतीश पूनिया का। राजस्थान भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहे पूनिया ने हाल ही में हरियाणा विधानसभा चुनावों में प्रदेश प्रभारी के रूप में जिस तरह पार्टी को बैक-टू-बैक ऐतिहासिक जीत दिलाई, उसने आलाकमान की नजरों में उनका कद और बढ़ा दिया है। पूनिया के पास संगठन का लंबा अनुभव है और वे कैडर को नीचे तक मजबूत करना जानते हैं।
इसके अलावा, उत्तर भारत में जाट समुदाय के बीच उनकी गहरी पकड़ है। यही वजह है कि उन्हें केंद्रीय संगठन में राष्ट्रीय महासचिव या उपाध्यक्ष जैसी बड़ी जिम्मेदारी या फिर केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है।
दूसरा नाम राजेंद्र राठौड़ का
दूसरा प्रमुख नाम है राजेंद्र राठौड़ का। राजस्थान की राजनीति में राठौड़ को नियमों और संसदीय प्रक्रियाओं का सबसे गहरा जानकार माना जाता है। विधानसभा में विपक्ष पर करारे प्रहार करने में वे हमेशा आगे रहे हैं। राज्य के साथ-साथ केंद्र के स्तर पर भी क्षत्रिय यानी राजपूत समाज में उनका बड़ा प्रभाव है। उनकी इसी प्रशासनिक समझ को देखते हुए पार्टी उन्हें केंद्रीय संगठन में राष्ट्रीय प्रवक्ता, किसी राज्य का प्रभारी या संसदीय मामलों से जुड़ी अहम जिम्मेदारी सौंप सकती है।
सीपी जोशी को भी मिल सकती है जिम्मेदारी
बात अगर सांसदों की करें, तो चित्तौड़गढ़ से सांसद सीपी जोशी ने प्रदेश अध्यक्ष के रूप में बेहद शांत और बेदाग तरीके से लोकसभा चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन को संभाला। वे पार्टी का सर्वस्वीकार्य ब्राह्मण चेहरा हैं और पीएम मोदी व अमित शाह के बेहद भरोसेमंद माने जाते हैं।
बताया जा रहा है कि उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में राज्य मंत्री या संगठन में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। जाट, राजपूत, ब्राह्मण और समीकरणों को साधते हुए भाजपा आलाकमान राजस्थान के इन चार चेहरों को दिल्ली में क्या नई जिम्मेदारी देता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
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