राजस्थान में मजदूरों-कर्मियों के लिए खुशखबरी, तय कर दिए गए सैलरी के नियम

राजस्थान की भजनलाल सरकार ने बीते दिन कैबिनेट मीटिंग में कई बड़े फैसले लिए। इसमें से एक सबसे बड़ा निर्णय था मजदूरों-कर्मचारियों को लेकर। सरकार ने इनके वेतन और सामाजिक सुरक्षा के लिए नए नियम बना दिए हैं। मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार ने ‘मजदूरी संहिता (राजस्थान) नियम, 2026’ जारी करने को मंजूरी दी है। इसे लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश के श्रमिकों के कल्याण और उनके अधिकारों के संरक्षण की दिशा में ये बड़ा और अहम कदम है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के श्रम का सम्मान और उनका सर्वांगीण विकास ही ‘आपणो अग्रणी राजस्थान’ के संकल्प का हिस्सा है।
न्यूनतम वेतन के लिए वैज्ञानिक फॉर्मूला
सरकार के नए नियमों के तहत न्यूनतम वेतन निर्धारित करने के लिए वैज्ञानिक फॉर्मूला और कौशल-आधारित वर्गीकरण लागू किया जाएगा। इससे श्रमिकों की श्रेणी और उनके कौशल के आधार पर वेतन निर्धारण को और ज्यादा पारदर्शी तरीके से बनाया जाएगा।
सप्ताह में 48 घंटे ही करना होगा काम
नए मजदूरी संहिता के नियमों में श्रमिकों के काम के घंटों को लेकर भी प्रावधान किए गए हैं। इसके तहत सप्ताह में ज्यादा से ज्यादा 48 घंटे कार्य की व्यवस्था होगी। वहीं, दैनिक कार्य अवधि अधिकतम 10.5 घंटे रखी गई है, जिसमें ब्रेक का समय भी शामिल होगा। श्रमिकों को सप्ताह में एक सवैतनिक अवकाश देने का भी प्रावधान किया गया है।
साल में दो बार संशोधित होगा महंगाई भत्ता
भजनलाल सरकार के नए नियमों के तहत महंगाई भत्ते यानी DA को साल में दो बार संशोधित करने का प्रावधान किया गया है। इससे महंगाई में होने वाले बदलाव के तहत ही श्रमिकों के वेतन में संशोधन का रास्ता बनेगा।
छुट्टी के दिन काम पर ओवरटाइम
श्रमिकों की छुट्टी और ओवर टाइम को लेकर भी स्पष्ट व्यवस्था की गई है। छुट्टी के दिन काम कराने पर ओवरटाइम वेतन देने का प्रावधान होगा। इसके अलावा नियोक्ताओं के लिए श्रमिकों को वेतन पर्ची यानी सैलरी स्लिप देना अनिवार्य किया गया है। श्रम संबंधी रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने के लिए डिजिटल रजिस्टर से जुड़े स्पष्ट नियम भी लागू होंगे।
श्रमिकों के अधिकारों को मजबूत करने की कोशिश
भजनलाल सरकार का कहना है कि मजदूरी संहिता के नियमों का उद्देश्य श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करने के साथ वेतन निर्धारण और कार्य व्यवस्था में पारदर्शिता लाना है।
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