मूर्खाधिराज पर बयानों की बाढ़ लाने वाले बीजेपी नेता किरोड़ी पर क्यों साधे हैं चुप्पी?

Kirodi Lal Meena: बीते तीन-चार दिनों से राजस्थान की सियासत में कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की ईमानदारी पर विपक्ष सवाल उठा रहा है। उनका इस्तीफा तक मांगने की बात उठ रही है। कह रहे हैं कि जो नेता ईमानदारी का ढिंढोरा पीटते थे उनके खुद के करीबी ही रिश्वत लेते पकड़े जा रहे हैं। सबसे ज्यादा चुभने वाली बात वो ये कि इस मुद्दे पर बीजेपी में एक अजीब सी खामोशी है। मदन दिलावर के अलावा कोई नेता अभी तक किरोड़ी लाल के समर्थन में खुलकर नज़र नहीं आया। तो क्या बीजेपी विपक्ष के इन आरोपों को मौन सहमति दे रही है, जबकि बेनीवाल के CM भजनलाल शर्मा (Bhajan Lal Sharma) पर मूर्खाधिराज वाली टिप्पणी पूरी पार्टी एकजुट हो गई थी। लेकिन ये किरोड़ी लाल मीणा हैं जो गरीब, किसान, बेरोजगार, महिलाओं, हर एक के लिए हर मौसम चाहे वो तपती गर्मी, कड़कती सर्दी हो झमाझम बारिश हो, हर वक्त खड़े रहते हैं। शायद यही वजह है कि किरोड़ी विपक्ष के निशाने पर हैं और सत्ता पक्ष मौन है। इसे कुछ इस तरह से समझते हैं-
1 अप्रैल 2025 से 05 जून 2026 तक खाद, बीज और कीटनाशक दुकानों पर कृषि के गुण नियंत्रण विभाग ने
कुल 113 FIR दर्ज
158 जप्ती
11,938 निरीक्षक
765 कारण बताओ नोटिस
169 लाईसेन्स सस्पेंड
46 लाइसेन्स कैंसिल
28 केस में पुलिस ने गिरफ्तारी की
16 केसों में कोर्ट में चालान पेश
21 केसों में कोर्ट में अग्रिम जमानत
27 उर्वरक निर्माण सील
35400 बैग यूरिया बैंग के जब्त
2.25 लाख उर्वरक बैग जब्त
3 FIR प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में गडबडी करने पर
एक गिरफ्तार
नकली Biofuel में एक FIR दर्ज
किरोड़ी की मेहनत के बाद भी भजनलाल सरकार की लचर कार्रवाई
लेकिन राजस्थान पुलिस ने सिर्फ 28 केसों में गिरफ्तारी, 16 केसों में चालान पेश, कमजोर पैरवी की वजह से 21 केसों में लोग अग्रिम जमानत लेकर बाहर आए। किरोड़ी लाल मेहनत कर रहे हैं एक-एक कर हर मुनाफाखोर, किसानों का हक मारने वाले लोगों को बेनकाब कर रहे हैं लेकिन भजनलाल सरकार के गृह विभाग के अंतर्गत आने वाले पुलिस विभाग की कार्रवाई इतनी लचर क्यों है, किरोड़ी के किए कराए पर पानी क्यों फेर रहे हैं?
खुद किरोड़ी ने ही जुगल किशोर को किया बेनकाब
राजस्थान राज्य बीज निगम के डायरेक्टर जुगल किशोर बिश्नोई के रिश्वत मामले में किरोड़ी लाल मीणा को पहले ही अंदेशा हो गया था कि वो शख्स उनके साथ पाक चेहरा लेकर चल रहा है, खुद को ईमानदारी की मूर्ति बताता है असल में वो बेइमानी की पराकाष्ठा को भी पार कर रहा है। ऐसे में उन्होंने ही खुद ACB को इस बात की खबर दी। और उन्हें पकड़ने गए दो और लोग बीजेपी के दूसरे विधायकों से जुड़े लोग थे। अगर किरोड़ी खुद कमाना चाहते तो वो ACS और DGP को कार्रवाई के लिए लेटर क्यों लिखते।
किरोड़ी के दबाव में डोटासरा ने छोड़ा शिक्षा मंत्री का पद
नवंबर 2021 को गोविंद सिंह डोटासरा को शिक्षा मंत्री का पद भी किरोड़ी के जबरदस्त प्रदर्शनों की वजह से छोड़ना पड़ा क्योंकि एक वही थे जिन्होंने रीट परीक्षा पेपर लीक को लेकर आवाज उठाई थी, डोटासरा के परिवार के लोगों को RPSC की परीक्षाओं में नंबर दिलाने का आरोप लगा था। जून 2023 में योजना भवन के IT विभाग के बेसमेंट की अलमारी में 2 करोड़ 31 लाख की नकदी, एक किलो सोना बरामद हुआ था। इसमें भी किरोड़ी ने ही गहलोत सरकार को घेरा था।
माइंस विभाग में भ्रष्टाचार भी किरोड़ी ने निकाला
इनके अलावा सितंबर 2023 में किरोड़ी लाल मीणा ने माइंस विभाग में सबसे बड़े भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। जिसमें 66 हजार करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार का आरोप था। इसकी शिकायत उन्होंने ED से की थी। आरोप था कि बिना लाइसेंस और लीज के अवैध तरीके से बड़े पैमाने पर पहाड़ों का सीना छलनी किया गया।
वैभव गहलोत पर मनी लॉन्ड्रिंग पर आरोप
वैभव गहलोत पर आरोप लगाया कि वो मॉरीशस में शेल कंपनियों के जरिए 96.75 करोड़ रुपए ब्लैक मनी को व्हाइट कर रहे हैं, जयपुर उदयपुर में बेनामी बिजनेस में पैसा लगा रहे हैं इसके सबूत भी उन्होंने ED को सौंपे थे। लेकिन भजनलाल सरकार के दौरान इन मामलों में कोई कार्रवाई नहीं हुई,
यही वजह है कि किरोड़ी लाल मीणा विपक्ष के लिए खतरा बने हुए हैं, साथ ही बीजेपी के कई नेताओं के लिए भी वो एक ऐसे नेता हैं, जो अपनी जिद पर अड़ जाएं तो उन्हें रोकने वाला कोई नहीं, उन पर जितने भी बड़े आरोप लगा दिए जाएं वो खुद अपने लिए लड़ते रहेंगे।
ये भी पढ़ें- 8 लोगों की मौत के बाद जागा शासन-प्रशासन, अवैध पटाखा फैक्ट्रियों में अब पड़ रहे छापे, मकान-फैक्ट्री मालिक याकूब और फिरोज फरार
इस लिंक को शेयर करें

