राजस्थान निकाय चुनाव 2026: आज शाम 4 बजे बजेगा चुनावी बिगुल, 309 निकायों में लागू होगी आचार संहिता

जयपुर। आखिर वो दिन आ ही गया जिसका इंतजार राजस्थान की जनता सालों से कर रही थी। आज शाम 4 बजे राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग नगर निकाय चुनावों की ऐलान करेगा। प्रेस कांफ्रेंस में इस बात की घोषणा की जाएगी। चुनाव कार्यक्रम के ऐलान के साथ ही संबंधित नगरीय निकाय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगी।
बता दें कि राजस्थान में कुल 309 नगरीय निकाय हैं और इन सभी में चुनाव प्रस्तावित हैं। इन निकायों के 10,245 वार्डों के लिए आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया 17 अगस्त को पूरी की जा चुकी है। इसके बाद अब चुनाव कार्यक्रम घोषित करने की अंतिम तैयारी पूरी हो गई है।
शाम 4 बजे साफ होगी चुनाव की पूरी तस्वीर
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से शाम 4 बजे होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव की महत्वपूर्ण तारीखों का ऐलान किया जाएगा। इसमें नामांकन शुरू होने की तारीख, नामांकन की अंतिम तारीख, नामांकन पत्रों की जांच, नाम वापसी, चुनाव चिह्न आवंटन, मतदान और मतगणना से जुड़ा पूरा कार्यक्रम सामने आएगा।
309 निकायों में चुनावी हलचल तेज
राजस्थान के 309 शहरी स्थानीय निकायों में चुनाव होने हैं। आरक्षण लॉटरी के बाद वार्ड स्तर पर राजनीतिक समीकरण भी बदल गए हैं। कई मौजूदा पार्षदों और चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे दावेदारों के वार्ड आरक्षण की वजह से बदल गए हैं, जबकि नए दावेदारों को भी चुनाव मैदान में उतरने का मौका मिला है।
बीजेपी और कांग्रेस समेत प्रमुख राजनीतिक दलों में टिकट को लेकर भी गतिविधियां तेज हो चुकी हैं। अब चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही स्थानीय स्तर की राजनीति और अधिक गर्म होने की संभावना है।
आचार संहिता लगते ही क्या बदलेगा?
राज्य निर्वाचन आयोग के चुनानी कार्यक्रम के ऐलान के साथ ही संबंधित शहरी निकाय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। इसका सीधा असर सरकार, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक गतिविधियों पर पड़ेगा।
आचार संहिता के दौरान क्या नहीं होगा?
- चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले सरकारी कार्यक्रमों, नई घोषणाओं और प्रचार गतिविधियों पर चुनाव आयोग के नियम लागू होंगे।
- मंत्री और जनप्रतिनिधि सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल चुनावी लाभ के लिए नहीं कर सकेंगे।
- सरकारी रेस्ट होम, डाक बंगले और सरकारी आवासों के इस्तेमाल को लेकर भी नियम लागू होंगे।
- चुनाव से जुड़े अधिकारियों के मंत्रियों के दौरे के दौरान स्वागत और प्रोटोकॉल में शामिल होने पर भी प्रतिबंध रहेगा।
खास तौर पर जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर और दूसरे बड़े शहरी क्षेत्रों के चुनावों पर राजनीतिक दलों की नजर रहेगी। वार्ड आरक्षण के बाद अब टिकट वितरण अगली बड़ी चुनौती होगी।
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