भजनलाल सरकार में टूटा गहलोत सरकार का रिकॉर्ड! 33 निकायों में बिना मुकाबले बोर्ड, 2026 में 32 निकायों में निर्विरोध अध्यक्ष

राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव 2026 में बीजेपी ने निर्विरोध बोर्ड बनाने के मामले में नया रिकॉर्ड बनाया है। भजनलाल सरकार के कार्यकाल में निर्विरोध बने निकायों की संख्या को लेकर ये नया चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। राज्य निर्वाचन आयोग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक मौजूदा निकाय चुनाव में 32 निकायों के मेयर, सभापति और पालिकाध्यक्ष निर्विरोध चुने गए हैं।
ये आंकड़ा पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की 2018 से 2023 तक की कांग्रेस सरकार के दौरान बने निर्विरोध बोर्डों से करीब तीन गुना है। गहलोत सरकार के पांच साल के कार्यकाल में 11 निकायों में बिना मुकाबले बोर्ड बने थे। इनमें 6 कांग्रेस, 3 बीजेपी और 2 निर्दलीयों के बोर्ड थे।
किन-किन निकायों में बिना मुकाबले बोर्ड बना?
बीजेपी के निर्विरोध अध्यक्ष
निंबाहेड़ा नगर परिषद — शिल्पा भूतड़ा
भिवाड़ी — डॉ. गुंजन खटाना
पुष्कर — राजेंद्र बाकोलिया
डीग — अर्पित गुप्ता
हिंडौन सिटी — विजय कुमारी
चौहटन — रूप सिंह
खेड़ली — पवन कुमार जैन
धोरीमन्ना — कीर्ति गोसाईवाल
बयाना — ऊषा अग्रवाल
रूपवास — दिलीप अंधाना
बाली — देवी बाई
रायपुर — मदनलाल बागड़ी
आहोर — सुरेश बागरेसा
चाकसू — पुष्पा शर्मा
महवा — विनीत बंसल
खेतड़ी — गीता सैनी
गोविंदगढ़ — मधु गुप्ता
पहाड़ी — शिशपाल शर्मा
नदबई — कमलेश कटारा
बसेड़ी — राघवेंद्र सिंह
पलसाना — नरेश कुमावत
नगर — भान सिंह सोनी
कोटकासिम — रेखा सैनी
सीकरी — चंचल ककड़
कामां — सत्यदेव शर्मा
उच्चैन — दिलीप कुमार
सादुलशहर — भाजपा समर्थित मनीषा खीचड़
भरतपुर नगर निगम — अनुराधा सिंह
भीलवाड़ा नगर निगम — जसवंत कंवर
कांग्रेस के दो निर्विरोध बोर्ड
भीम नगरपालिका, राजसमंद — यशोदा कंवर
सरमथुरा नगरपालिका, धौलपुर — रामकला गुर्जर
इन दोनों जगहों पर कांग्रेस प्रत्याशी के सामने कोई दूसरा उम्मीदवार नहीं बचा और दोनों निर्विरोध चुनी गईं।
दो निर्दलीय उम्मीदवार भी निर्विरोध
धौलपुर नगर परिषद — निर्दलीय गिरीश गर्ग
सादुलशहर नगरपालिका — निर्दलीय या समर्थित उम्मीदवार के निर्विरोध निर्वाचन की रिपोर्ट
राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक कुल 32 निर्विरोध प्रमुखों में दो निर्दलीय उम्मीदवार भी शामिल हैं।
भरतपुर में सबसे दिलचस्प रहा घटनाक्रम
भाजपा के लिए सबसे चर्चित निर्विरोध निर्वाचन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृह जिले भरतपुर में हुआ। यहां नगर निगम के 65 वार्डों में 36 निर्दलीय, 20 बीजेपी और 7 कांग्रेस पार्षद जीते थे। यानी बीजेपी के पास बहुमत नहीं था। इसके बावजूद मेयर पद पर बीजेपी की अनुराधा सिंह निर्विरोध चुनी गईं।
दरअसल, मेयर पद के लिए बीजेपी की अनुराधा सिंह के सामने निर्दलीय प्रत्याशी विचित्रा सिंह मैदान में थीं। नाम वापसी के अंतिम दिन विचित्रा सिंह ने गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम की मौजूदगी में अपना नामांकन वापस ले लिया, जिसके बाद अनुराधा सिंह अकेली प्रत्याशी रह गईं और उनका निर्विरोध निर्वाचन हो गया।
यही वजह है कि भरतपुर का मामला बाकी निर्विरोध निकायों से अलग राजनीतिक महत्व रखता है—क्योंकि यहां बीजेपी के पास पार्षदों का बहुमत से काफी पीछे थी। ऐसा कहा जा रहा था कि मुख्यमंत्री के गृहनगर में निर्दलियों का बोर्ड बनेगा और निर्दलियों का ही मेयर बनेगा।
भीलवाड़ा में भी बीजेपी का मेयर निर्विरोध
भीलवाड़ा नगर निगम में भी बीजेपी की जसवंत कंवर निर्विरोध मेयर चुनी गईं। इस तरह भरतपुर और भीलवाड़ा दो नगर निगम ऐसे रहे, जहां मेयर का चुनाव मतदान के बिना ही हो गया।
धौलपुर में पार्षद का चुनाव लड़े बिना बने सभापति
धौलपुर नगर परिषद में निर्दलीय गिरीश गर्ग का निर्विरोध सभापति चुना जाना भी इस चुनाव का अलग तरह का मामला रहा। गर्ग ने पार्षद का चुनाव तक नहीं लड़ा था, लेकिन सभापति पद के लिए नामांकन के बाद उनके सामने कोई दूसरा उम्मीदवार नहीं बचा।
21 सितंबर को 273 निकायों में होगा मतदान
32 निकायों में प्रमुख पदों का फैसला निर्विरोध होने के बाद अब 273 निकायों में मेयर, सभापति और पालिकाध्यक्ष पद के लिए 21 सितंबर को मतदान होना है। इसके अगले दिन 22 सितंबर को उपमहापौर, उपसभापति और उपाध्यक्ष पदों का चुनाव होगा। जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम तथा सुकेत नगरपालिका के अध्यक्ष का चुनाव 25 सितंबर को होगा।
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