31 जुलाई से पहले-पहले चुनाव कराने की शुरू हुई तैयारी, OBC आयोग ने सर्वे किया शुरू

राजस्थान में हाईकोर्ट ने 31 जुलाई तक पंचायत और निकाय चुनाव कराने की डेडलाइन राज्य चुनाव आयोग और सरकार को दी है। लेकिन बीच में चुनाव आयोग ने ये लेटर लिख कर कह दिया था कि चुनाव की तैयारी पूरी नहीं हुई है तो सितंबर से पहले चुनाव नहीं हो पाएंगे। हालांकि ओबीसी आरक्षण आयोग ने इस बात को सीरियसली ले लिया है और आरक्षण के लिए घर-घर सर्वे करना शुरू कर दिया है।
51,168 कार्मिक कर रहे हैं सर्वे
ओबीसी आयोग के 'राजधारा ऐप' के जरिए जुटाए जा रहे ये आंकड़े सीधे तौर पर तय करेंगे कि आगामी स्थानीय चुनावों में ओबीसी आरक्षण की दशा और दिशा क्या होगी। राजस्थान में आरक्षण से जुड़े सटीक और प्रामाणिक डेटा की कमी के कारण करीब 400 से ज्यादा ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में चुनाव लगातार टल रहे थे। हाईकोर्ट ने भी 31 जुलाई 2026 तक चुनाव कराने की डेडलाइन दी है। ऐसे में समय रहते इस सस्पेंस को खत्म करने के लिए राजस्थान राज्य ओबीसी आयोग पूरी तरह एक्शन में आ गया है। आज से प्रदेश के सभी जिलों में कुल 51,168 सरकारी प्रगणक घर-घर जाकर ओबीसी परिवारों की सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक स्थिति का डिजिटल डेटा जुटा रहे हैं। ये कोई साधारण सर्वे नहीं है, बल्कि इसी के आधार पर सीटों का नया 'आरक्षण चार्ट' तैयार किया जाएगा।
डेटा की गड़बड़ियों को रोकेगा 'राजधारा सर्वे
आयोग के डेटा में किसी भी तरह की गड़बड़ी या धांधली को रोकने के लिए सरकार ने इस बार 'राजधारा सर्वे मोबाइल ऐप' का सहारा लिया है। सीधे मौके पर ही डिजिटल रूप से डेटा फीड किया जा रहा है, जिसकी ऑनलाइन मॉनिटरिंग सीधे राज्य स्तर से की जा रही है। इस महाअभियान को बिना किसी विवाद के पूरा करने के लिए हर जिले में अतिरिक्त जिला कलेक्टर (ADM) को कमान सौंपी गई है। अब देखना ये बाकी है कि 23 जुलाई को जब ये सर्वे पूरा होगा तो क्या 31 जुलाई तक चुनाव संपन्न हो पाएंगे क्योंकि तारीखों का ये खेल की असंभव सा लग रहा है।
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