क्या सच होगा अलनीनो का दावा, 11वें भी नहीं पहुंचा मानसून, 19 राज्यों में सामान्य से कम बारिश लेकिन राजस्थान में 55% ज्यादा

Rajasthan Weather Update: देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार थमने से बारिश का संकट गहराता जा रहा है। बीते गुरुवार को लगातार 11वें दिन मानसून रुका रहा। जिसका असर अब देश के ज्यादातर राज्यों में दिखाई देने लगा है। 18 जून तक के आंकड़ों के अनुसार देश के 30 प्रमुख राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से 19 में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि 7 राज्यों में 60 प्रतिशत से भी कम भी बारिश हुई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक देश में अब तक औसत बारिश सामान्य से 38 प्रतिशत कम रही है। हालांकि राजस्थान इस दौरान अपवाद बनकर उभरा है, जहां सामान्य से 55 प्रतिशत ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। इसके अलावा हरियाणा और लद्दाख में भी सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज हुई है।
मेघालय और गुजरात सबसे ज्यादा प्रभावित
बारिश की कमी के मामले में मेघालय सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य बना हुआ है। यहां सामान्य से 86 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इसके बाद गुजरात में 79 प्रतिशत, महाराष्ट्र में 78 प्रतिशत, झारखंड में 70 प्रतिशत, मणिपुर में 69 प्रतिशत, गोवा में 68 प्रतिशत और छत्तीसगढ़ में 64 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है। मध्य प्रदेश में भी बारिश सामान्य से 39 प्रतिशत कम रही है।
जानकारों का कहना है कि मानसून की ये लंबी ब्रेक स्थिति कृषि और जल संसाधनों के लिए चिंता का कारण बन सकती है। अगर अगले कुछ दिनों में मानसून सक्रिय नहीं हुआ तो जून के अंत तक देश का बारिश का घाटा 50 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।
क्यों थम गई मानसून की रफ्तार?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक मानसून 8 जून से लगभग स्थिर स्थिति में है। आमतौर पर भूमध्यरेखा पार करने वाली हवाएं मानसून को आगे बढ़ाने में मदद करती हैं, लेकिन अब इसे आगे बढ़ाने के लिए बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में मजबूत मौसमी सिस्टम बनने की जरूरत है। ऐसे सिस्टम फिलहाल पर्याप्त रूप से सक्रिय नहीं हैं, जिसके कारण मानसून की प्रगति रुक गई है।
हालांकि मौसम विभाग ने उम्मीद जताई है कि अगले 4 से 5 दिनों में देश के कुछ हिस्सों में मानसून फिर से आगे बढ़ सकता है।
राजस्थान में प्री-मानसून की मेहरबानी
जहां देश के कई हिस्से बारिश के लिए तरस रहे हैं, वहीं राजस्थान में प्री-मानसून गतिविधियां लगातार सक्रिय बनी हुई हैं। गुरुवार को डूंगरपुर, झुंझुनूं और चूरू समेत कई जिलों में 2 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। जयपुर में भी देर रात बारिश हुई।
बारिश के चलते प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में तापमान 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। अलवर को छोड़कर सभी जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए भी कई जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है।
प्रमुख आंकड़े एक नजर में
देश में औसत बारिश सामान्य से 38% कम
30 में से 19 राज्यों में कम बारिश
7 राज्यों में 60% से ज्यादा बारिश में कमी
मेघालय में 86% कम बारिश, सबसे ज्यादा घाटा
गुजरात में 79% और महाराष्ट्र में 78% कम बारिश
राजस्थान में 55% ज्यादा बारिश
लद्दाख में 91% ज्यादा वर्षा- देश में सबसे ज्यादा
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