होम/rajasthan/ravindra-singh-bhati-giral-mines-protest-labourer-death

रविंद्र भाटी के गिरल माइंस धरने पर मजदूर की मौत पर बवाल, सरकार के खिलाफ परिजनों का आक्रोश

रविंद्र भाटी के गिरल माइंस धरने पर मजदूर की मौत पर बवाल, सरकार के खिलाफ परिजनों का आक्रोश
राजस्थान
05 Jun 2026, 04:08 pm
रिपोर्टर : ज्योति शर्मा

Barmer Labourer death: बाड़मेर के गिरल गांव में श्रमिक जैसाराम मेघवाल की मौत के बाद अब इस पूरे मामले ने एक बेहद संवेदनशील और राजनीतिक मोड़ ले लिया है। इस घटना के बाद जहां एक तरफ प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकार के खिलाफ भी आक्रोश देखा जा रहा है। इसके बाद जब चौहटन से बीजेपी विधायक आदुराम मेघवाल अस्पताल पहुंचे और मजदूर के पिता देदाराम के पास गए तो बूढ़े पिता ने अपने आंसू पोछते हुए कहा कि मेरे लड़के को मार दिया। अब यहां क्या करने आए हो। 2 महीने से भयंकर धूप-गर्मी में बैठे हैं, तब आए क्या?

मोर्चरी पहुंचे बीजेपी विधायक आदूराम मेघवाल को मृतक श्रमिक के पिता ने पूछा
"2 महीने से धरने पर थे। अब आये हो कहां थे अबतक ?pic.twitter.com/8vJpUBH6Z2
— Durag Singh Rajpurohit 🇮🇳 (@BarmerDurg) June 5, 2026

मजदूर के पिता ने विधायक को सुनाई खरी-खोटी

देदाराम ने आदुराम मेघवाल से मुंह पर कहा कि एक दिन धरना स्थल पर जाकर बैठो, तब पता चलेगा आपको, हम ढाई महीने तक धरने में खूब रोए। लेकिन तब कोई नहीं आया। अब आकर इकट्ठे हो रहे हो।

रविंद्र सिंह भाटी ने श्रमिक के मौत का मोर्चरी में ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि प्रशासन ने इस मामले में पूरी तरह निरंकुश रवैया अपनाया है। इस तानाशाही रवैए के ही चलते जैसाराम की मौत हुई है। प्रशासन ने एक गरीब मजदूर की हत्या कर दी है।

आज प्रशासन के तानाशाही रवैये के कारण एक ग़रीब मज़दूर सिस्टम की भेंट चढ़ गया।
स्वर्गीय श्री जैसाराम जी मेघवाल जिन्होंने अपनी जमीनें देश और प्रदेश के विकास के लिए सरकारों को दी ताकि देश विकसित हो सके।
जो अपनी वाजिब मांगों को लेकर पिछले 2 महीने से गिरल माइंस ऑफिस के बाहर धरने पर…
— Ravindra Singh Bhati (@RavindraBhati__) June 5, 2026

2 महीने से चल रहा धरना

गिरल माइंस के बाहर यह धरना पिछले 60 दिनों से लगातार चल रहा था। शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी कड़कड़ाती धूप और मुश्किल हालातों में बैठे गरीब मजदूरों के वेतन संबंधी कई मांगें उठाई जा रही थीं। ये प्रदर्शन राजस्थान स्टेट माइंस एंड मिनरल्स लिमिटेड यानी RSMML के खिलाफ शिव गिरल गांव में दिया जा रहा था। श्रमिकों को कहना है कि कंपनी उनसे 8 घंटे की जगह 12 घंटे की ड्यूटी करा रही है जबकि वेतन सिर्फ 8 घंटे की ही मिल रहा है। इसके अलावा श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा कोई कदम कंपनी ने नहीं उठाया है।

दूसरी तरफ सियासी जानकारों का कहना है कि अगर समय रहते प्रशासन के साथ एक व्यावहारिक और सकारात्मक संवाद कायम किया जाता, तो शायद आज एक गरीब परिवार का चिराग बुझने से बच जाता।

ये भी पढ़ें- कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवार नीरज डांगी ने किया नामांकन, अशोक गहलोत भी रहे मौजूद


इस लिंक को शेयर करें

ads

लेटेस्ट खबरें

ads
© 2026 Bharat Raftar. All rights reserved. Powered By Zentek.