ABVP छात्रों के धरने का रविंद्र सिंह भाटी ने किया समर्थन, विधायक प्रतापपुरी और फूल सिंह भाटी भी धरने पर बैठे

जैसलमेर में ABVP यानी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् छात्रनेताओं का आंदोलन गहराता जा रहा है। पुलिस के खिलाफ इनके आंदोलनय को अब शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने समर्थन देकर सभी को चौंका दिया है। रविंद्र सिंह भाटी ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा है कि ABVP जहां भी कहेगी वे साथ खड़े होने को तैयार हैं।
ABVP कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस का दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं- भाटी
रविंद्र भाटी ने कहा कि सीमांत इलाकों में तमाम युवा साथी समय-समय पर देशभक्ति के कार्यक्रम आयोजित कराते हैं, ABVP के युवा छात्र हित के लिए देश को मजबूत करने के लिए ये कार्यक्रम करते रहते हैं। बीते दिन कारगिल विजय दिवस के अवसर पर ABVP के युवा साथी कार्यक्रम करना चाहते थे। लेकिन प्रशासन ने आयोजन की परमिशन की जगह नहीं दी , पुलिस ने उनके साथ जो व्यहवहार किया है उनकी कड़े शब्दों में निंदा करता हूं।
रविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि एक समय विद्यार्थी परिषद् के साथ लंबे समय तक रहा हूं, काम किया है, उनके कार्यकर्ताओं के साथ इस तरह का व्यवहार जरा भी सही नहीं है। विद्यार्थी परिषद के युवा साथी जब कहेंगे वो आह्वान करेंगे, मैं उनके साथ खड़ा हूं।
बीजेपी के 2 विधायक महंत प्रतापपुरी और छोटू सिंह भाटी पहुंचे धरना स्थल
ABVP छात्रों की इस भूख हड़ताल में बुधवार को पोकरण से बीजेपी विधायक महंत प्रतापपुरी और जैसलमेर से छोटू सिंह भाटी पहुंचे। वे भी धरने में शामिल हुए। घंटों तक उन्होंने यहां पर छात्रों से बातचीत की। उन्हें समझाने की कोशिश की। उन्होंने भी इस मुद्दे पर SHO और हेड कांस्टेबल को हटाने की मांग का समर्थन किया।
क्या हुआ था जैसलमेर में?
दरअसल रविवार को कारगिल विजय दिवस के मौके पर ABVP के कार्यकर्ता एक शांतिपूर्ण सभा का आयोजन करने वाले थे। इसकी परमिशन लेने के लिए जब वे कोतवाली थाने गए तो कोतवाल सुरजाराम ने परमिशन देने से इनकार कर दिया। ABVP के पदाधिकारी और SBK कॉलेज के पूर्व अध्यक्ष महेंद्र सिंह करड़ा ने आरोप लगाए कि कार्यकर्ताओं को पुलिस ने तो परमिशन तो दी नहीं बल्कि एक घंटे तक थाने में बिठाए रखा और झूठे केस में फंसाने की धमकी भी दी।
इस पर ABVP के पदाधिकारी पहले SP ऑफिस गए लेकिन अधीक्षक नहीं मिले। फिर वे कलेक्ट्रेट गए लेकिन यहां पुलिस ने उन्हें अंदर घुसने नहीं दिया। जिसके बाद ये छात्रनेता शहर कोतवाली के सामने ही प्रदर्शन करने लगे और अनिश्चितकाली भूख हड़ताल का ऐलान कर धरने पर बैठ गए।
कोतवाल और हेड कांस्टेबल को हटाने की मांग
महेंद्र सिंह करड़ा की तो भूख में तेज धूप में बैठने के कारण हालत भी बिगड़ गई थी लेकिन वो हिले नहीं। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि कोतवाली थाने के कोतवाल सुरजाराम और हेड कांस्टेबल दीपेंद्र सिंह को निलंबित किया जाए। हालांकि अभी तक उनकी इस मांग पर प्रशासन या पुलिस ने कोई कदम नहीं उठाया है और ना ही धरना स्थल पर इन छात्रों के पास गया है। ऐसे में अब रविंद्र सिंह भाटी के समर्थन मिलने से इस आंदोलन को तेज धार मिलती नजर आ रही है।
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