कृत्रिम जनादेश लोकतंत्र का अपमान, पायलट ने लगाया बीजेपी पर जोड़तोड़ राजनीति का आरोप

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता ने भाजपा को सरकार चलाने के लिए बहुमत दिया है, लेकिन दो-तिहाई बहुमत नहीं दिया। ऐसे में जनता के जनादेश को कृत्रिम तरीके से बदलने या नया जनादेश तैयार करने की कोशिश लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
कृत्रिम जनादेश तैयार कर रही बीजेपी
पायलट ने कहा कि जो विधेयक पहले सदन में पारित नहीं हो पाया था, उसे दोबारा लाने की कोशिश "मैन्युफैक्चर्ड मैंडेट" यानी कृत्रिम जनादेश के जरिए की जा रही है। उनका आरोप है कि राजनीतिक दलों को तोड़कर, सांसदों को इधर-उधर कर और संख्या बल बढ़ाकर संवैधानिक प्रक्रियाओं को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जनता ने जिस जनादेश के आधार पर सरकार चुनी है, उससे अलग तस्वीर तैयार करने की कोशिश लोकतंत्र की भावना के अनुरूप नहीं है। अगर राजनीतिक हितों के लिए जनादेश को बदला जाएगा तो देश की जनता इसे स्वीकार नहीं करेगी।
जनगणना के बाद ही हो परिसीमन
परिसीमन के मुद्दे पर पायलट ने कहा कि इसके लिए संविधान में स्पष्ट प्रक्रिया तय है। सबसे पहले जनगणना होनी चाहिए, उसके बाद परिसीमन आयोग का गठन किया जाना चाहिए और फिर आयोग की सिफारिशों के आधार पर आगे की कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि तय प्रक्रिया को दरकिनार कर परिसीमन की दिशा में कदम बढ़ाना केवल राजनीतिक उद्देश्य साधने का प्रयास है।
पायलट ने आरोप लगाया कि भाजपा अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं और प्रक्रियाओं का इस्तेमाल करना चाहती है। उन्होंने कहा कि देश की जनता सब कुछ देख रही है और समझ रही है कि राजनीतिक लाभ के लिए किस तरह के रास्ते अपनाए जा रहे हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए संवैधानिक प्रक्रियाओं और जनता के मूल जनादेश का सम्मान होना जरूरी है।
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