कौन हैं सुनील कोठारी? ज्वेलरी कारोबारी से भाजपा संगठन तक का सफर, जयपुर मेयर की रेस में

जयपुर नगर निगम के मेयर चुनाव को लेकर चल रहा सस्पेंस अब खत्म हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने वार्ड नंबर 112 से नवनिर्वाचित पार्षद सुनील कोठारी को मेयर पद का आधिकारिक प्रत्याशी बनाया है। पार्टी की तरफ से नाम की घोषणा के बाद कोठारी ने शनिवार, 19 सितंबर को जयपुर नगर निगम मुख्यालय पहुंचकर नामांकन दाखिल कर दिया।
सुनील कोठारी ने करीब ढाई बजे यानी नामांकन की समय सीमा खत्म होने से लगभग आधा घंटा पहले अपना पर्चा दाखिल किया। नामांकन के दौरान उनके साथ भाजपा के कई बड़े नेता मौजूद रहे। इनमें विधायक कालीचरण सराफ, बालमुकुंदाचार्य, जयपुर सांसद मंजू शर्मा, वरिष्ठ भाजपा नेता शैलेंद्र भार्गव, जयपुर शहर भाजपा अध्यक्ष अमित गोयल, पूर्व मेयर अशोक लाहोटी, रवि नैय्यर, प्रदेश भाजपा महामंत्री श्रवण बगड़ी शामिल रहे।
लेकिन आखिर सुनील कोठारी कौन हैं, उनका कारोबार क्या है, उनके पास कितनी संपत्ति है और भाजपा ने जयपुर के मेयर पद के लिए उन्हीं के नाम पर भरोसा क्यों जताया?
कौन हैं सुनील कोठारी?
सुनील कोठारी जयपुर के कोठारी जेम्स एंड ज्वेलरी ग्रुप के मालिक हैं। वो जयपुर के सबसे अमीर कारोबारी कहे जाते हैं। चुनावी हलफनामे के आधार पर सुनील कोठारी के नाम करीब 25.72 करोड़ रुपये की संपत्ति दर्ज है। उनकी पत्नी के नाम करीब 10.26 करोड़ रुपये और आश्रित के नाम करीब 14.21 करोड़ रुपये की संपत्ति बताई गई है। मीडिया रिपोर्टों ने उनकी कुल घोषित पारिवारिक संपत्ति को करीब 35.87 करोड़ रुपये के स्तर पर रिपोर्ट किया है। जयपुर और मुंबई में उनकी संपत्तियों की कीमत करीब 10.16 करोड़ रुपये बताई गई है। उनके पास Honda City ZX, Maruti Suzuki और Tata Nexon वाहन भी घोषित किए गए हैं।
राजनीतिक तौर पर भी वे भाजपा के पुराने संगठनात्मक चेहरों में शामिल हैं। रिपोर्टों के मुताबिक वे करीब 3 दशक से भाजपा से जुड़े हुए हैं और संगठन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
वे जयपुर शहर भाजपा अध्यक्ष, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष और प्रदेश स्तर पर संगठन की जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। वर्तमान में भी वे पार्टी संगठन से जुड़े हुए हैं। कोठारी का नाम इससे पहले भी जयपुर की राजनीति में चर्चा में रहा है। इस बार भाजपा ने उन्हें परकोटा क्षेत्र के वार्ड 112 से पार्षद का चुनाव लड़ाया था।
905 वोटों से जीते चुनाव
नगर निगम चुनाव में सुनील कोठारी ने वार्ड 112 से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा और कांग्रेस के आशीष शर्मा को 905 वोटों से हराया। उनकी जीत के बाद ही मेयर पद की संभावित दावेदारी को लेकर चर्चा तेज हो गई थी।
दिलचस्प बात यह भी है कि भाजपा ने वार्ड 112 से कोठारी को मैदान में उतारते समय पूर्व मेयर कुसुम यादव का टिकट काट दिया था। यानी कोठारी को पार्टी ने सीधे परकोटा के अहम वार्ड से चुनाव मैदान में उतारा था।
भाजपा ने कोठारी को ही क्यों चुना?
कोठारी के चयन के पीछे एक साथ कई राजनीतिक और संगठनात्मक तथ्य दिखाई देते हैं। पहला, उनका लंबा भाजपा संगठनात्मक अनुभव है। वे जयपुर शहर अध्यक्ष और प्रदेश उपाध्यक्ष जैसे पदों पर रह चुके हैं। दूसरा, वे नगर निगम चुनाव जीतकर सीधे पार्षद बने हैं। यानी मेयर चुनाव में वे निर्वाचित पार्षद की पात्रता के साथ मैदान में हैं।
तीसरा, भाजपा के भीतर मेयर पद के लिए जिन नामों पर चर्चा थी, उनमें कोठारी के साथ पूर्व डिप्टी मेयर पुनीत कर्णावट, सुभाष सिंघी, शैलेंद्र भार्गव और दूसरे नाम शामिल थे। आखिरकार पार्टी ने कोठारी के नाम पर सहमति बनाई।
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