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‘लोगों को जहर देना चाहती है क्या सरकार’, जोजरी नदी प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई सरकार को फटकार

‘लोगों को जहर देना चाहती है क्या सरकार’, जोजरी नदी प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई सरकार को फटकार
राजस्थान
23 Jul 2026, 12:05 pm
रिपोर्टर : Jyoti Sharma

"अगर राज्य अपने नागरिकों को ज़हर देना चाहता है, तो इससे शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता” जी हां, ये तल्ख टिप्पणी किसी आम आदमी की नहीं, बल्कि देश की सबसे बड़ी अदालत-सुप्रीम कोर्ट की है। जोजरी नदी में फैलते ज़हर और राजस्थान की प्रदेश सरकार की लापरवाही पर आज सुप्रीम कोर्ट का चाबूक चला है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की बनाई गई SIT की जांच को ‘महज दिखावा’ करार दिया है।

निर्देशों के बाद भी कुछ नहीं बदला- कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने साफ शब्दों में कह दिया कि कोर्ट के 29 मई के कड़े निर्देशों के बावजूद ज़मीन पर कुछ नहीं बदला। जोधपुर, पाली और बालोतरा के ट्रीटमेंट प्लांट सफेद हाथी साबित हो रहे हैं और नदी में आज भी 'अत्यधिक एसिडिक' यानी तेज़ाबी पानी बह रहा है।

रिपोर्ट में पानी की गुणवत्ता ‘अत्यधिक एसिडिक’

बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट की गठित की गई जस्टिस संगीत लोढ़ा कमेटी की पेश की गई रिपोर्ट ने भी सरकार के दावों की धज्जियां उड़ाई थीं। रिपोर्ट के मुताबिक नदी के पानी में आज भी तेज़ बदबू और एसिड का भयानक स्तर है। सिर्फ नदी की ऊपरी सफाई से काम नहीं चलेगा। जब तक औद्योगिक इकाइयों के अवैध नालों को जड़ से बंद नहीं किया जाएगा, ये 'धीमा ज़हर' बहता रहेगा।

29 मई को दिए थे दिशा निर्देश

गौरतलब है कि 29 मई को सुप्रीम कोर्ट ने जोजरी नदी प्रदूषण को कम करने के कि लिए राजस्थान सरकार को कई दिशा निर्देश दे दिए थे। जिसमें जांच के लिए SIT का गठन, औद्योगिक इकाइयों की निगरानी शामिल थी। क्योंकि प्रदेश की एजेंसियों को प्रदूषण को रोकने में नाकाम रही थीं।

उद्योगों के बिना ट्रीट किए पानी छोड़ने से बढ़ रहा प्रदूषण

दरअसल जोधपुर और आसपास के लाखों लोगों की 'जीवनरेखा' कही जाने वाली जोजरी नदी आज ज़हर उगल रही है। ये प्रदूषण टेक्सटाइल, स्टील और केमिकल फैक्ट्रियों के बिना ट्रीट किए पानी को नदी में सीधे छोड़ने की वजह से हो रहा है। इससे नदी का पानी बेहद जहरीला और एसिडिक हो गया है. इससे सीधे 15-20 लाख नागरिक प्रभावित हो रहे हैं।

जांच में सामने आया था कि ये टेनरियां, उद्योग जमीन के अंदर पाइप के जरिए पानी नदी में छोड़ रहे हैं ताकि वो किसी की नजर में ना आए। आप इस नदी के प्रदूषण स्तर को ऐसे समझ सकते हैं कि नदी के पास के तनावड़ा गांव में जो तालाब बना है उसका पानी प्रदूषण के चलते गुलाबी हो गया है। ये पानी जोजरी नदी का ही है।

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